US के आंख दिखाने के बाद इजरायल ने किया खेल, चीनी कंपनी को नहीं दिया डिसेलिनेशन प्रोजेक्‍ट

इजराइल के लिए ये एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट होने के अलावा, ये प्लांट पामाचिन एयरबेस और Sorek परमाणु केंद्र के पास स्थित है.
Chinese company loses Israel biggest desalination project, US के आंख दिखाने के बाद इजरायल ने किया खेल, चीनी कंपनी को नहीं दिया डिसेलिनेशन प्रोजेक्‍ट

अमेरिका द्वारा अपने सहयोगी देशों को चीन-आधारित कंपनियों के संभावित सुरक्षा खतरों की समीक्षा करने को कहे जाने के एक हफ्ते बाद ली का-शिंग के हॉन्ग कॉन्ग के ग्रुप हचिसन कंपनी ने इजराइल (Israel) में एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट गंवा दिया है. इजराइल ने दुनिया की सबसे बड़े डिसेलिनेशन प्लांट (Desalination Plant) के निर्माण के लिए चीनी कंपनी की जगह स्थानीय कंपनी IDE टेक्नोलॉजीस को चुना है.

PPP मॉडल पर 2023 में पूरा होने वाले दुनिया के सबसे बड़े डिसेलिनेशन प्लांट Sorek 2 के लिए तीन समूहों ने ही निर्माण के लिए बोली लगाई थी. उनमें से इजराइली हचिसन कंपनी, हॉन्ग कॉन्ग में स्थित चीनी हचिसन कंपनी की सहयोगी थी. मालूम हो कि हाल ही में अमेरिका (USA) ने इजराइल समेत अपने सहयोगियों से चीन (China) के साथ संबंधों की समीक्षा करने के लिए कहा है.

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ट्रंप प्रशासन ने डिसेलिनेशन प्लांट के निर्माण में विशेष रूप से हचिसन की संभावित भागीदारी को चिह्नित किया था, जो कि किबुत्ज़ पामाचीम में होगा और इसकी लागत 5 बिलियन NIS से ज्यादा होगी. इजराइल के लिए ये एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट होने के अलावा, ये प्लांट पामाचिन एयरबेस और Sorek परमाणु केंद्र के पास स्थित है. सुरक्षा क्षेत्र में चीन, इजराइल का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है.

जेरूसलम पोस्ट के मुताबिक हाल के वर्षों में इजराइल में प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में चीनी कंपनियों की भागीदारी के बारे में अमेरिका की चिंता, आंशिक रूप से उन पर काम करते समय खुफिया जानकारी इकट्ठा करने की चीनी ऑपरेटरों की क्षमता के कारण है. साथ ही साथ बड़े पैमाने पर आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय नुकसान भी इसका कारण है.

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