एंडीबॉडीज के बाद भी बच्चों में कोरोनावायरस संक्रमण का खतरा-नई स्टडी का दावा

अमेरिका (US) की एक रिसर्च के मुताबिक एंटीबॉडीज बच्चों में कोरोनावायरस (Coronavirus) संक्रमण का खतरा रोकने में पूरी तरह से सक्षम नहीं है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 7:56 am, Fri, 4 September 20
कोविड-19 टेस्ट (File Pic)

दुनियाभर में इन दिनों कोरोनावायरस (Corona virus) का खतरा बढ़ता जा रहा है. वयस्क हों, बुजुर्ग हों या बच्चे कोई भी इस महामारी से अछूता नहीं है. हर दिन मरीज़ों के तेजी से बढ़ते आंकड़ों ने सभी को परेशान कर रखा है. हर दिन मरीजों की रिकॉर्ड संख्या मिलने से डॉक्टर्स भी काफी परेशान हैं. कोरोनावायरस महामारी बुजुर्गों के साथ बच्चों के लिए भी बहुत घातक है. एक रिसर्च (Research) के मुताबिक एंटीबॉडीज बच्चों में कोरोनावायरस संक्रमण का खतरा रोकने में पूरी तरह से सक्षम नहीं है.

रिसर्च के मुताबिक भले ही बच्चों के शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता अच्छी होती है, लेकिन यह कोरोनावायरस से बच्चों की रक्षा करने के लिए पर्याप्त नहीं है. अच्छे दर्जे के एंटीबॉडीज भी बच्चों में वायरस के खतरे को कम नहीं कर सकते.

एंडीबॉडीज के बाद भी बच्चों में कोरोना संक्रमण का खतरा

अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में चिल्ड्रन नेशनल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसके मुताबिक सारस-सीओवी-2 के लिए 6,369 बच्चों पर कोरोनावायरस के कारणों का परीक्षण किया गया, वहीं 215 बच्चों को इस प्रक्रिया में एंटीबॉडी परीक्षण से भी गुजरना पड़ा. 13 मार्च से 21 जून के बीच हुए इस परीक्षण में 33 बच्चों में एक ही वक्त में वायरस और एंडीबॉडीज दोनों की मौजूदगी देखी गई. जिसके बाद डॉक्टर्स की चिंता और भी बढ़ गई है. बच्चों पर अध्ययन करने वाले बुरक बहार के मुताबिक एंटीबॉडीज मौजूद होने के बाद भी बच्चों में संक्रमण बढ़ने की क्षमता कम नहीं हुई है.

एक ही समय में बच्चों में एंटीबॉडीज और कोरोना संक्रमण दोनों मौजूद

अध्ययनकर्ता बुरक बहार के मुताबिक इस हफ्ते भारत में कोरोनावायरस के आंकड़ों से पता चला है कि बच्चों में कोरोनावायरस का खतरा ज्यादा बढ़ा है, लेकिन वहीं दूसरी रिसर्च में यह भी सामने आया है कि बच्चे वायरस से आसानी से लड़ सकते हैं. चिल्ड्रन्स नेशनल हॉस्पिटल के मुताबिक 16 और 22 दिनों के मरीजों की तुलना में 6 से 15 दिनों के मरीजों को वायरस को खत्म करने में ज्यादा समय लगता है.