कोरोना वैक्सीन: सुरक्षा कारणों के चलते 24 घंटे में दूसरी दवा के ट्रायल पर लगी रोक

पहले अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने कोरोना वैक्सीन ट्रायल को रोका था. अब अमेरिका की एली लिली (Eli Lilly) कंपनी ने तीसरे चरण के कोरोना वायरस एंटीबॉडी दवा के ट्रायल को रोक दिया है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 9:39 pm, Wed, 14 October 20

दुनियाभर में कोरोना वायरस (Corona Virus Vaccine) की वैक्सीन और दवा तैयार करने के लिए तेजी से काम चल रहा है. कई एक्सपर्ट्स ने उम्मीद जताई है कि अगले ढाई महीने में कोरोना की वैक्सीन (Vaccine) आ सकती है. लेकिन इसी दौरान कोरोना की वैक्सीन और दवा को लेकर सेफ्टी के सवाल भी उठ रहे हैं. सुरक्षा कारणों के चलते 24 घंटे के अंदर एक वैक्सीन और एंटीबॉडी ड्रग के ट्रायल को रोकना पड़ा है. इसके कारण फाइनल रिजल्ट आने में देरी हो सकती है.

पहले अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने कोरोना वैक्सीन ट्रायल को रोका था. अब अमेरिका की एली लिली (Eli Lilly) कंपनी ने तीसरे चरण के कोरोना वायरस एंटीबॉडी दवा के ट्रायल को रोक दिया है.

जॉनसन एंड जॉनसन की रिसर्च हेड मथाई माममेन ने मंगलवार को निवेशकों को बताया कि यह एक “अस्थायी ठहराव” है, यह जरूरी नहीं कि दवा के कारण ऐसा हुआ हो. अंतिम चरण के क्लीनिकल ट्रायल में यह असामान्य नहीं है. हजारों लोगों पर यह ट्रायल डिजाइन किया गया है. ताकि साइड इफेक्ट के बारे में पता चल सके.

दो दवा बना रही है कंपनी

स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉक्टर और वैज्ञानिक एरिक टोपोल ने ट्वीट करते हुए कहा ”लिली की वैक्सीन को सुरक्षा कारणों से रोका गया है. मैं इससे चिंतित हूं क्योंकि अभी तक कई चरणों में कोई गंभीर साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिला है. आशा है ट्रायल जल्द ही शुरू होगा.”

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एली लिली कंपनी दो एंटीबॉडी दवा विकसित कर रही है. एक का नाम LY-CoV555 और दूसरे का LY-CoV016 है. LY-CoV555 के इमरजेंसी यूज की मंजूरी के लिए कंपनी ने FDA को आवेदन भी किया है. अब तक यह नहीं पता चला है कि किस दवा का ट्रायल रोका गया है. कंपनी ने यह भी नहीं बताया है कि वैक्सीन लगाने वाले वॉलेंटियर में कितनों में स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिलीं. लेकिन यह जानकारी मिली है कि हॉस्पिटल में भर्ती किए गए कोरोना मरीजों पर एली लिली की एंटीबॉडी दवा का ट्रायल किया जा रहा है.

ट्रंप को दी गई थी एंटीबॉडी

एली लिली कंपनी की एंटीबॉडी दवा उसी तरह है जैसी दवा से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इलाज किया गया था. ट्रंप को रिजेनरॉन (Regeneron) कंपनी का एंटीबॉडी ट्रीटमेंट दिया गया था.

इन कंपनियों में देखने को मिले साइडइफेक्ट

पिछले महीने ब्रिटेन में एक मरीज की रीढ़ में दिक्कत आने के बाद ब्रिटिश फर्म एस्ट्राजेनेका ने दुनियाभर में अपना क्लीनिकल ट्रायल रोक दिया था. हलांकि दुनियाभर में इसका ट्रायल फिर से शुरू किया गया था, लेकिन अस्पष्ट कारण के कारण अमेरिका में निलंबित कर दिया गया.

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इससे पहले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की कोरोना वैक्सीन का ट्रायल भी सुरक्षा कारणों के चलते रोका गया था. बाद में अन्य देशों में दोबारा ट्रायल शुरू कर दिया गया था. लेकिन अमेरिका में अब भी ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन ट्रायल पर रोक है.