जापान ने Coronavirus को कैसे दी मात, Lockdown से या बड़े पैमाने पर कराई गई टेस्टिंंग?

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Shinzo Abe) ने कोरोना के नए मामलों की संख्या में भारी गिरावट के राष्ट्रीय स्तर पर लगाई गई इमरजेंसी को हटा दिया गया है.
corona virus controlled in Japan, जापान ने Coronavirus को कैसे दी मात, Lockdown से या बड़े पैमाने पर कराई गई टेस्टिंंग?

एक तरफ जहां दुनिया भर में कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप हैं. इस महामारी की रोकथाम के लिए लॉकडाउन (Lockdown) और दूसरे उपाय किए जा रहे हैं वहीं जापान किसी खास पाबंदी के बगैर इस खतरनाक वायरस पर काबू पाने में कामयाब रहा है. जापान में न तो लॉकडाउन किया गया न ही आने-जाने पर खास रोक-टोक. रेस्तरां और सलून खुल रहे हैं, ज्यादा टेस्ट नहीं कराए जा रहे, इसके बावजूद यहां कोरोना के आंकड़ों में कमी आई हैं.

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जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे (Shinzo Abe) ने कोरोना के नए मामलों की संख्या में भारी गिरावट के राष्ट्रीय स्तर पर लगाई गई इमरजेंसी को हटा दिया गया है.

दुनियाभर में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों का आंकड़ा 54 लाख के ऊपर जा चुका है. साथ ही 3 लाख 44 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं जापान में कोरोना वायरस से अब तक सिर्फ 808 मौतें हुई हैं. जापान पहला देश है जहां इस तरह की बड़ी बीमारी के लिए कोई रोग नियंत्रण केंद्र नहीं है, कोरोना के लिए कोई ट्रेसिंग एप नहीं है, फिर भी कोरोना की रोकथाम में कामयाब रहा है. जापान में सिर्फ 0.2 फीसदी लोगों के ही टेस्ट किए गए हैं. ऐसे में सवाल ये उठता ही है कि जापान में ये संभव कैसे हुआ? इसकी 5 वजहें हैं…

मास्क पहनना लाइफस्टाइल में शामिल

जापनी लोगों के लिए मास्क पहनना उनकी लाइफस्टाइल का खास हिस्सा है. यहां कम ही लोग हैं जो मोटापे का शिकार हैं. उनके बात करने का तरीका थूक या बूंदों को फैलाने वाला नहीं है. ये सारे एहतियात जो बाकी देशों में कोरोना फैलने के बाद अपनाए जा रहे हैं वो जापान की जीवनशैली का पहले से हिस्सा रहे हैं. इसके अलावा संक्रमण फैलने की शुरुआत में ही जापान में स्कूल बंद कर दिए गए थे.

कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए खास ट्रेनिंग

जापान में 50 हजार से स्वास्थ्यकर्मियों को साल 2018 में ही इन्फ्लूएंजा और तपेदिक के लिए प्रशिक्षित किया गया था. जनवरी में पहला कोरोना केस आते ही ये लोग एक्टिव हो गए और कांटेक्ट ट्रेसिंग में अपना रोल बखूबी निभाया. इन लोगों ने खास कम्यूनिटी, क्लबों और अस्पतालों की कड़ी निगरानी की.

लिए गए कड़े फैसले

जब डायमंड क्रूज शिप में (फरवरी में) कोरोना का मामला सामने आया तो जापान की काफी आलोचना हुई थी. इसके बाद मामले बढ़ने पर अप्रैल में जापान में इमरजेंसी लागू की गई. फिलहाल जापान में एक दिन आने वाले कोरोना मामलों की संख्या 50 से भी कम हो गई है. यहां इमरजेंसी भी हटा ली गई है.

सरकार की सक्रियता

डायमंड क्रूज पर संक्रमण फैलने के साथ ही जापान ने तुरंत इसके लिए उपाय शुरू कर दिए. आलोचना झेलने बाद भी सरकार की तरफ से सीनियर साइंटिस्ट, हेल्थ स्पेशलिस्ट और डॉक्टर्स लोगों की जांच में जुटे रहे.

लोगों में जागरुकता

जापान सरकार के सलाहकार और महामारी विशेषज्ञ शिगू ओमी का कहना है कि जापान के लोग इस महामारी को लेकर अपने और दूसरों के स्वास्थ्य के प्रति बेहद सजग रहे, जिसके चलते तमाम एहतियात बरतने में कामयाबी मिली.

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