पिछले 50 सालों से लगातार जल रहा है ये रेगिस्तान, लोग कहते हैं ‘जहन्नुम का दरवाजा’

ये गड्ढा दशकों से अस्तित्व में है. 1960 के आस-पास यह कोलैप्स हुआ था, और 1980 से लगातार जल रहा है.

काराकुम रेगिस्तान के तुर्कमेनिस्तान इलाके में स्थित एक विशाल गड्ढा सालों से जल रहा है. ‘जहन्नुम का दरवाजा’ कहलाने वाला ये गड्ढा आज के समय में फेमस टूरिस्ट प्लेस बना हुआ है. यह गड्ढा करीब 50 साल से लगातार जल रहा है.

SBS साइंस के अनुसार यह गड्ढा अस्तित्व में आया जब सोवियत जियोलॉजिस्ट के कुछ वैज्ञानिकों ने इसे 1971 में देखा था. उन्हें उम्मीद थी कि इस गड्ढे में काफी ज्यादा मात्रा में तेल मौजूद होगा, इसलिए उन्होंने इसे खोदना शुरू किया. खुदाई के दौरान गड्ढे से हानिकारक गैस निकलने लगी और वो जलने लगा. इसके बाद वैज्ञानिकों ने इसे खोदना बंद कर दिया. उन्होंने गड्ढे को उसी हाल में छोड़ दिया.

वैज्ञानिकों को लगा था कि कुछ हफ्ते बीत जाने के बाद यह ठंडा हो जायेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं. तब से लेकर आज तक यह लगातार जल रहा है.

वहीं इस गड्ढे को लेकर नेशनल जियोग्राफिक की अलग राय है. उनका मानना है कि यह गड्ढा दशकों से अस्तित्व में है. 1960 के आस-पास यह कोलैप्स हुआ था, और 1980 से यह लगातार जल रहा है. यह गड्ढा 98 फीट गहरा और 226 फीट चौड़ा है. लगातार उठता धुआं और खौलती हुई मिट्टी देखने में ही डरावनी सी लगती है. मगर आजकल यह गड्ढा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बाना हुआ है.

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