कराची हमला: पाक के भारत विरोधी बयान पर चीन दे रहा था साथ, UNSC सदस्यों ने मौके पर लगाया अड़ंगा

UN में एक चीनी डिप्लोमेट ने कहा कि धीरे-धीरे कार्रवाई करना दूसरों और पीड़ितों को एक बुरा संकेत देगा. हालांकि ये और बात है कि चीन, पाकिस्तान के इशारे पर जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को 1267 प्रस्ताव के तहत वैश्विक आतंकवादी घोषित करने से रोकता रहा है.
Karachi terror attack, कराची हमला: पाक के भारत विरोधी बयान पर चीन दे रहा था साथ, UNSC सदस्यों ने मौके पर लगाया अड़ंगा

कराची स्टॉक एक्सचेंज में 29 जून को हुए आतंकी हमले को लेकर चीन समर्थित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के बयान को जारी करने से पहले प्रस्तावक के चैंबर में बहुत देरी हो गई, क्योंकि परिषद के साथी सदस्यों ने पाकिस्तान पर हुए इस हमले के लिए भारत को दोषी ठहराए जाने की कोशिश पर नाखुशी जताई. इस आतंकी हमले में पाकिस्तान के 19 लोग मारे गए थे, जबकि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के 4 आतंकी भी ढेर हुए.

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न्यू यॉर्क स्थित डिप्लोमेट्स के मुताबिक चीन ने मंगलवार को आतंकी हमले को लेकर UNSC के बयान का प्रस्ताव रखा और शाम 4 बजे (अमेरिकी समय) तक इस पर चुप्पी साधा रहा. UNSC द्वारा एक आतंकी हमले के बाद इस तरह के बयान नियमित रूप से जारी किए जाते हैं, लेकिन UNSC के सदस्यों ने पाकिस्तान द्वारा दिए बयानों के आधार पर इस बयान को लेकर आखिरी समय पर हस्तक्षेप किया.

पाकिस्तान ने भारत पर लगाया था आरोप

दरअसल पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बिना किसी सबूत के इस हमले का आरोप भारत पर लगाया था. हालांकि भारत ने इस हमले को लेकर उस पर लगाए गए तमाम आरोपों को खारिज कर दिया. कुरैशी द्वारा परिषद के एक अस्थायी सदस्य को दोषी ठहराकर माहौल खराब किए जाने के बाद, यह माना जा रहा है कि UNSC के सदस्यों ने कहा कि सुरक्षा परिषद को इस मामले का निपटारा नहीं करना चाहिए.

हालांकि उम्मीद की जा रही है कि UNSC आज बयान जारी कर सकता है. वहीं चीनी डिप्लोमेट्स ने अन्य सदस्यों को यह कहते हुए इस मुद्दे पर अपनी निराशा व्यक्त की है कि यह UNSC का दायित्व है कि वह अपनी आवाज को समय रहते उठाए. UN में एक चीनी डिप्लोमेट ने कहा कि धीरे-धीरे कार्रवाई करना दूसरों और पीड़ितों को एक बुरा संकेत देगा. हालांकि ये और बात है कि चीन, पाकिस्तान के इशारे पर जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को 1267 प्रस्ताव के तहत वैश्विक आतंकवादी घोषित करने से रोकता रहा है.

चीनी डिप्लोमेट के एक इंटरनल कम्युनिकेशन में यह रिकॉर्ड किया गया कि अब उन्हें इस प्रक्रिया को लेकर मौन साधना पड़ेगा क्योंकि एक सदस्य ने आखिरी समय पर विस्तार के लिए कहा था. यह प्रक्रिया अब 1 जुलाई, 2020 को सुबह 10 बजे (अमेरिकी) तक बढ़ाई गई है.

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