जिसके बेटे के लिए जल उठा मेक्सिको, उसके ड्रग माफिया बाप के सामने हमेश पुलिस ने टेके हैं घुटने

जेल में बंद कुख्यात मेक्सिकन ड्रग माफिया जोआक्विन अल चापो गुजमैन की गैंग उसके बेटे ओविडियो को सुरक्षा बलों की गिरफ्त से छुड़ा कर ले गई है. अल चापो खुद भी दो बार सुरक्षित जेलों से फरार हो चुका है.

जेल में बंद कुख्यात मेक्सिकन ड्रग माफिया जोआक्विन अल चापो गुजमैन की गैंग उसके बेटे ओविडियो को सुरक्षा बलों की गिरफ्त से छुड़ा कर ले गई है. ओविडियो को सुरक्षा बलों ने गुरुवार को स्पेशल ऑपरेशन चला कर गिरफ्तार किया था. जिसके बाद अल चापो की गैंग ने शहरभर में गोलीबारी और आगजनी शुरू कर दी. गैंग ने मेक्सिकन शहर कुलियाकन को जंग का मैदान बना दिया.

नॉर्थन मेक्सिको इलाके में भारी गोलीबारी के बीच फंसे सुरक्षा बलों ने खुद को बचाने और शहर भर में गोलीबारी रोकने के लिए ओविडियो को छोड़ कर वापस लौटना ही बेहतर समझा. जिसके बाद अल चापो की गैंग उसे लेकर फरार हो गई. ओविडियो में ये गुण उसके बाप अल चापो से ही आया है. जो खुद दो बार मेक्सिको की सबसे सुरक्षित जेलों को दो बार लांघ चुका है.

पहली बार पुएंते की जेल से बड़ी आराम से हुआ फरार

1993 में, एक रोमन कैथोलिक कार्डिनल को प्रतिद्वंद्वी ड्रग तस्करों ने एक मुठभेड़ में मार दिया था. गुजमैन भी हत्या के दोषियों में से एक था और मैक्सिकन सरकार ने उसके सिर पर इनाम रखा था. इसके बाद जनता के लिए पहले से अनजान उनका बेदाग चेहरा अखबारों और टीवी स्क्रीन पर दिखाई देने लगा. चंद हफ्तों के भीतर, उसे ग्वाटेमाला में गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में उसे ड्रग तस्करी के आरोप में 20 साल जेल की सजा सुनाई गई.

आठ साल सलाखों के पीछे गुजारने के बाद जनवरी 2001 में गुजमैन पुएंते की एक अति सुरक्षित जेल से फरार हो गया. हालांकि वह कैसे भागा इसकी सिर्फ कहानियां ही सामने आती हैं. कोई कहता है कि वह कपड़े धोने वाली गाड़ियों में छिप कर फरार हुआ तो वहीं पत्रकार दावा करते हैं कि वह भ्रष्ट गार्ड्स की मदद से पुलिस की वर्दी में वहां से फरार हुआ.

दूसरी बार भागने का तरीका बेहद अलग और रोचक

पहली बार फरार होने के 13 साल बाद मेक्सिकन मरीन ने एक स्पेशल ऑपरेशन चलाने के बाद फरवरी 2014 में गुजमैन को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि इस बार उन्हें सलाखें ज्यादा दिनों तक नहीं रोक पाईं. इस बार साल 2015 में वह कुछ अलग ही अंदाज में जेल से बाहर निकले. यह तरीका पहली बार से बेहद अलग और रोचक था.  इस बार, उनके साथियों ने जीपीएस की मदद से एक 1.5 किमी लंबी सुरंग बना कर फरार होने का प्लान बनाया. यह सुरंग मेक्सिको के अल्टिप्लानो जेल में सीधे उनके सेल के नीचे तक जाती थी.

जेल से फरार होने का ये प्लान बड़ी ही सावधानी से बनाया गया था. सुरंग में वेंटिलेशन, लाइट व्यवस्था और सीढ़ियां थीं और निकलने की जगह भी एक कंस्ट्रक्शन साइट से छिपा दी गई थी. सेल के बाथरूम से होकर निकलने वाली इस सुरंग में मोटरसाइकिल भी थी, जिससे गुजमैन फरार हुए थे. हालांकि इस बार अमेरिकी मदद से उसे जल्द ही पकड़ लिया गया.

मरीन को चकमा देने में कामयाब लेकिन इस बार पकड़ा गया

साल 2016 में मेक्सिकन गार्ड ने उसके पांच गार्ड्स को मारते हुए उसके घर पर ही उसे गिरफ्तार करने का प्लान बनाया. इस बार भी गुजमैन ने मरीन की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश की थी. जब उसे पकड़ने मेक्सिकन मरीन आए थे तब वह मैनहोल से होते हुए फरार हो गया था. लेकिन शहर से जाते समय उसे पकड़ लिया गया. जिसके एक साल बाद उसे अमेरिकी कोर्ट में जेल की सजा हो गई. तब से वह जेल की सलाखों के पीछे कैद है.

तीसरी बार गिरफ्त में आने के बाद 62 साल के अल चापो को अवैध हथियार रखने के लिए 30 साल की सजा सुनाई गई थी. साथ ही उस पर 12.6 अरब डॉलर यानी 85 हजार करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया था. 17 जुलाई 2019 को अदालत ने सजा सुनाई थी.

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