सूरज के सबसे नजदीक की तस्वीरें आईं सामने, वैज्ञानिकों ने कैम्फायर्स नाम दिया

ईएसए सोलर ऑर्बिटर प्रोजेक्ट के साइंटिस डैनिल मुलर ने कहा, "हमने इतनी जल्दी बेहतर नतीजों की उम्मीद नहीं की थी. इन तस्वीरों को देख कर लगता है कि ये एक बेहतरीन शुरुआत है. इस मुकाम तक पहुंचना कोई आसान काम नहीं है.

यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ईएसए) और अमेरिकन स्पेस एजेंसी( नासा) के सोलर ऑर्बिटर ने सूरज ऑबर्जिविंग मशीन की मदद से पहली बार सूरज के सबसे नजदीक से ली गई तस्वीरों को शेयर किया है.

सोलर ऑर्बिटर (Solar Orbiter) एक अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट है जिसमें यूरोपियन स्पेस एजेंसी और नासा साथ मिलकर काम कर रही है. इसकी शुरूआत 9 फरवरी 2020 को हुई थी. स्पेसक्राफ्ट ने सूरज के सबसे पास का पहला चक्कर जून के महीने में पूरा किया था.

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मैरीलैंड के ग्रीनबेल्ट में नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के मिशन के लिए नासा के वैज्ञानिक होली गिल्बर्ट ने कहा, ” सूरज की ये अभूतपूर्व तस्वीरें अब तक की सबसे नजदीक की तस्वीर हैं जो हमें मिली है.”

उन्होंने आगे कहा कि ये तस्वीरें सूरज के एटमोस्फेरिक लेयर को समझने में मदद करेगी. इसे समझने में आसानी होगी की पृथ्वी और पूरे सौर मंडल का मौसम कैसा रहता है.

ईएसए सोलर ऑर्बिटर प्रोजेक्ट के साइंटिस डैनिल मुलर ने कहा, “हमने इतनी जल्दी बेहतर नतीजों की उम्मीद नहीं की थी. इन तस्वीरों को देख कर लगता है कि ये एक बेहतरीन शुरुआत है. इस मुकाम तक पहुंचना कोई आसान काम नहीं है.”

कोरोनावायरस (Coronavirus) की वजह से यूरोपियन स्पेस ऑपरेशन सेंटर (ESOC) को दो हफ्तों से ज्यादा के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया. कमीशनिंग के दौरान उस समय सभी उपकरणों की जांच की जा रही थी.

सोलर इमेज ऑर्बिटर के मुख्य जांचकर्ता रसल हावर्ड ने कहा कि इस महामारी ने हमें दूरगामी और मुश्किल समय में काम करना सिखाया है, जो हम सबने पहली बार किया है और टीम इस काम में अच्छी तरह ढल गई.

अंतरिक्ष यान ने 15 जून को पहला सोलर पाथ पूरा किया था. सूर्य से करीब 48 मीलियन माइल्स की दूरी पर सभी उपकरणों ने उड़ान भरी थी. सोलर ऑर्बिटर ने आज तक की डेट में सबसे पास से तस्वीरें ली.

 सोलर ऑर्बिटर में 6 इमेजिंग इंस्ट्रूमेंट्स  

सोलर ऑर्बिटर में 6 इमेजिंग इंस्ट्रूमेंट्स लगे हुए हैं, हर उपकरण सूरज के अलग- अलग हिस्सों के बारे में अध्ययन करेगा. आम तौर पर, एक अंतरिक्ष यान की पहली तस्वीर का मतलब अंतरिक्ष यान सही से काम कर रहा है, वैज्ञानिक उनसे किसी नई खोज की उम्मीद नहीं लगाते हैं. लेकिन सोलर ऑर्बिटर पर एक्सट्रीम अल्ट्रावॉयलेट इमेजर, ईयूआई ने सोलर फीचर्स पर जिस तरह का डेटा भेजा गया है वैसा कभी नहीं देखा गया हैं.

सूरज की डोटिंग इमेज को कहा गया ‘कैम्फायर्स’   

एस्ट्रोफिजिस्ट डेविड बर्गमैन ने कहा कि ईयूआई की डोटिंग इमेज को हमने ‘कैम्फायर्स’ (Campfires) का नाम दिया है. ये कैम्फायर्स छोटे-छोटे सोलर फ्लेयर है. हम इन्हें हाई रेजोल्यूशन इमेज में देखते है, ये सभी जगह होते हैं. यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि ये कैंपफायर्स क्या है. लेकिन मुमकिन है कि ये सूरज के बाहर सतह पर होने वाले मिनी एक्सप्लोजन हो सकते हैं. जिन्हें हम नैनोफेलेयर्स के नाम से जानते हैं.

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