मॉर्क जुकरबर्क की 90 मिनट तक चली मीटिंग, Facebook कर्मचारियों का झेलना पड़ा गुस्सा

कुछ फेसबुक (Facebook) कर्मचारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के पोस्ट को विवादित बताया और उनकी पोस्ट नहीं हटाने को लेकर कंपनी की कड़ी आलोचना की.
Mark Zuckerberg meeting with staff, मॉर्क जुकरबर्क की 90 मिनट तक चली मीटिंग, Facebook कर्मचारियों का झेलना पड़ा गुस्सा

अमेरिकी प्रदर्शनकारियों  पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) के खिलाफ फेसबुक (Facebook) द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के बाद कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी ही सीईओ मार्क जुकरबर्क (Mark Zuckerberg) पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

मार्क जुकरबर्क ने जब कंपनी के कर्मचारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस की तो उन्हें कई कर्मचारियों का गुस्सा झेलना पड़ा. कुछ कर्मचारियों ने ट्रंप के विवादास्पाद पोस्ट को नहीं हटाने को लेकर कंपनी के फ़ैसले की कड़ी आलोचना की. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह ऑनलाइन मीटिंग करीब 90 मिनट तक चली.

मीटिंग को अटेंड करने वाले दो कर्मियों ने बताया कि जुकरबर्ग ने मीटिंग में कहा कि वह और कंपनी पॉलिसी के अन्य मेंबर यह जस्टिफाई नहीं कर सकते कि वह मैसेज साफ तौर पर हिंसा भड़काने वाला था. इसका मतलब है कि वह मैसेज फेसबुक के नियमों को नहीं तोड़ता है.

जुकरबर्क इस मामले में लिख चुके पोस्ट

फेसबुक के सीईओ, ट्रंप की टिप्पणी को लेकर लेकर एक लंबा चौड़ा पोस्ट भी लिख चुके हैं. इस पोस्ट में जुकरबर्ग ने लिखा था कि उन्हें पता है कि कई लोगों को इस तरह के पोस्ट से आपत्ति है. उन्हें भी डोनल्ड ट्रंप का पोस्ट बेहद अपमानजनक लगा है, लेकिन उनके पोस्ट कंपनी की पॉलिसी का उल्लंघन नहीं करते हैं.

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ये है पूरा मामला

दरअसल, ये बवाल तब शुरू हुआ जब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्विटर और फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए अमेरिकी प्रदर्शनकारियों को ठग करार दिया. फेसबुक, अल्फाबेट गूगल और अमेजन के कंपनियों में कई टेक वर्कर्स ने हाल के वर्षों में सक्रिय रूप से सोशल जस्टिस के मुद्दों को आगे बढ़ाया है. उन्होंने कई बार कंपनी मालिकों से एक्शन लेने और पॉलिसी चेंज करने का आग्रह भी किया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्क जुकरबर्ग की आलोचना करने वालों में कंपनी के तीन बड़े अधिकारी भी शामिल हैं. फेसबुक न्यूज फीड के प्रोडक्ट डिजाइन डायरेक्टर रायन फ्रेटास ने लिखा- मार्क गलत हैं और मैं उनका मन बदलने के लिए जोरदार तरीके से प्रयास करूंगा.

वहीं दूसरे अधिकारी की पहचान जेसन टॉफ के रूप में हुई है, जो कि प्रोडक्ट मैनेजमेंट के डायरेक्टर हैं. जेसन ने लिखा- मैं फेसबुक के लिए काम करता हूं और मुझे बिल्कुल भी गर्व नहीं है कि हम कैसे चीजों को दिखा रहे हैं. अधिकांश सहकर्मियों से मैंने बात की, वो भी ऐसा ही महसूस करते हैं. हम उन्हें सुनाने के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं. तीसरे हैं फेसबुक के प्रवक्ता एंडी स्टोन. स्टोन ने लिखते हैं- हम यह देख सकते हैं कि हमारे कई लोग इस दर्द को महसूस कर रहे हैं, खासकर हमारे अश्वेत समुदाय के लोग.

ट्विटर ने डोनाल्ड ट्रंप पर कार्रवाई करते हुए उनके उस ट्वीट पर वॉर्निंग लेबल लगाया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रदर्शनकारियों की बात करते हुए लिखा था- जब लूटना शुरू हुआ तो गोलिबारी शुरू हो गई. ट्विटर का कहना था यह ट्वीट हिंसा को बढ़ावा देता है और हमारे नियमों के विरुद्ध है. ट्विटर ने तो इस मैसेज पर कार्रवाई कर दी, लेकिन फेसबुक ने इस पर कोई भी एक्शन लेने से इनकार कर दिया.

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