नेपाल के पूर्व PM ने छेड़ा नया विवाद, बोले- बुद्ध हमारे यहां पैदा हुए, तो उन्हें क्यों बताया जाता है भारतीय

नेपाल (Nepal) के पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल (Madhav kumar Nepal) ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर भगवान बुद्ध को लेकर भारतीय विदेश मंत्री के बयान को विवादित बताने की भी कोशिश की है.
Former PM of Nepal started a new controversy, नेपाल के पूर्व PM ने छेड़ा नया विवाद, बोले- बुद्ध हमारे यहां पैदा हुए, तो उन्हें क्यों बताया जाता है भारतीय

भारत (India) और नेपाल (Nepal) के बीच सीमा विवाद तो जारी है ही, साथ ही साथ नेपाल एक धार्मिक विवाद को भी तूल देता आ रहा है. जहां नेपाल के प्रधानमंत्री ने भगवान राम और अयोध्या (Ayodhya) को नेपाल का बताया था, तो वहीं अब भगवान बुद्ध (Gautam Buddha) को लेकर नेपाल ने ऐतराज जताया है.

भगवान बुद्ध के नाम पर नेपाल को ऐतराज क्यों?

दरअसल सीआईआई शिखर सम्मेलन में वर्चुअल बातचीत के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर चीन और भारत के रिश्तों पर बात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने भारत विदेश नीति पर बात करते हुए कहा कि देश उचित और समानता वाली दुनिया के लिए प्रयास करेगा क्योंकि अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानकों की वकालत नहीं करने से जंगल राज हो सकता है. भगवान बुद्ध और महात्मा गांधी के संदेशों को अब भी पूरी दुनिया में मान्यता मिलती है.

“बुद्ध नेपाल में जन्में तो उन्हें भारतीय क्यों बताया जाता है?”

अब इसी बात पर नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी के विदेश मामलों के प्रमुख माधव नेपाल ने ऐजराज जताया है. नेपाल ने कहा कि बुद्ध का जन्म नेपाल में हुआ तो फिर उन्हें भारतीय क्यों बताया जाता है.  माधव नेपाल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर भगवान बुद्ध को लेकर भारतीय विदेश मंत्री के बयान को विवादित बताने की भी कोशिश की है.

“इसमें कोई शक नहीं कि बुद्ध का जन्म लुम्बिनी में हुआ”

इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर अपनी सफाई देते हुए कहा, ” कल CII के प्रोग्राम में विदेश मंत्री का बयान बौद्ध की हमारी साझा विरासत के संदर्भ में दिया गया था. इसमें कोई संदेह नहीं है कि गौतम बुद्ध का जन्म लुम्बिनी में हुआ था, जो नेपाल में है.”

पीएम ओली बोले- असली अयोध्या नेपाल में है

मालूम हो कि इससे पहले नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (KP Sharma Oli) ने कहा था कि अयोध्या नेपाल में है और भारत ने एक नकली अयोध्या बना कर सांस्कृतिक अतिक्रमण किया है. साथ ही पीएम ओली ने यह भी कहा था कि भगवान राम का जन्म भारत में नहीं बल्कि नेपाल में हुआ था. ट

ओली के बयान पर नेपाल की सिफाई

हालांकि इसके बाद नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री द्वारा की गई टिप्पणी किसी भी राजनीतिक विषय से जुड़ी नहीं है और किसी की भावना को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है.” बयान में कहा गया कि- यह टिप्पणी अयोध्या के महत्व और उसके सांस्कृतिक मूल्यों को कम करने के इरादे से नहीं की गई थी.

देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

Related Posts