टेरर फंडिंग मामले में हाफिज सईद दोषी करार, दो मामलों में साढ़े पांच साल

सीटीडी के गुजरांवाला चैप्टर द्वारा दायर किए गए मामले की शुरुआत में गुजरांवाला एटीसी में सुनवाई हुई, लेकिन लाहौर हाई कोर्ट के निर्देशों पर इसे लाहौर शिफ्ट कर दिया गया.
Hafiz saeed convicted in financing of terrorism, टेरर फंडिंग मामले में हाफिज सईद दोषी करार, दो मामलों में साढ़े पांच साल

मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को एक पाकिस्तानी कोर्ट ने टेरर फंडिंग मामले का दोषी करार दिया है. लाहौर की एंटी टेरर कोर्ट ने आतंकी सईद को दो मामलों में साढे़ पांच-साढे़ पांच साल (कुल 11 साल) की सजा सुनाई है. यह सजा समवर्ती रूप से चलेंगी. इस सजा में यह बात भी गौर करने वाली है कि पाकिस्‍तान में सजा के दिन और रात दोनों काउंट किए जाते हैं, इस हिसाब से 11 साल की सजा कुल साढ़े पांच साल ही बैठती है.

इसी के साथ सईद पर दोनों मामलों में 15,000-15,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है. हाफिज सईद प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) का सरगना है. उसे बुधवार को टेरर फंडिंग के दो मामलों में दोषी करार दिया गया है.

ये मामले आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) की लाहौर और गुजरांवाला शाखाओं द्वारा दाखिल किए गए थे. सीटीडी के गुजरांवाला चैप्टर द्वारा दायर किए गए मामले की शुरुआत में गुजरांवाला एटीसी में सुनवाई हुई, लेकिन लाहौर हाई कोर्ट के निर्देशों पर इसे लाहौर शिफ्ट कर दिया गया.

दोनों मामलों की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 23 गवाहों के बयान दर्ज किए. एटीसी जज अरशद हुसैन भट्ट ने सजा का ऐलान किया. कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि अगले आदेश तक सईद को कस्टडी में रखा जाए.

जमात उद दावा सरगना को बीते साल जुलाई में सीटीडी ने गिरफ्तार किया था. उसकी गिरफ्तारी से पहले जमात उद दावा नेताओं के खिलाफ 23 FIR सीटीडी पुलिस स्टेशन लाहौर, गुजरांवाला, मुल्तान, फैसलाबाद और सरगोधा में जुलाई 2019 में दर्ज की गई.

इनमें सईद और जमात उद दावा का एक अन्य प्रमुख आतंकी अब्दुल रहमान मक्की शामिल है. सीटीडी का कहना है कि जमात उद दावा गैर-लाभकारी संगठनों (NGO) और ट्रस्टों के जरिए से इकट्ठे किए गए भारी धन से टेरर फंडिंग कर रहा था.

मालूम हो कि मुंबई आतंकी हमले के पीछे लश्कर ए तैयबा और जमात उद दावा जैसे आतंकी संगठनों का ही हाथ था. इन हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद को ही माना जाता है. 26/11 मुंबई आतंकी हमलों में 166 लोग मारे गए थे. अमेरिका भी हाफिज सईद को ग्लोबल टेररिस्ट मानता है और उसके नाम 10 मिलियन डॉलर का ईनाम भी रखा है.

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