ईशनिंदा के आरोप में हिंदू डॉक्‍टर गिरफ्तार, पाकिस्‍तान में फूंकी गईं अल्‍पसंख्‍यकों की दुकानें

1987 से 2016 के बीच पाकिस्‍तान में कम से कम 1,472 लोगों पर ईशनिंदा के आरोप लगाए गए.

नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान में एक हिंदू डॉक्‍टर को ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. दक्षिणी सिंध प्रांत के एक स्‍थानीय मौलवी ने डॉक्‍टर रमेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद, मीरपुर खास जिले में प्रदर्शनकारियों में हिंदुओं की दुकानों को आग लगा दी और सड़कों पर टायर जलाए.

स्थानीय मस्जिद के मौलवी इशाक नोहरी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि डॉक्टर ने पवित्र पुस्तक के पन्ने फाड़कर उसमें दवा लपेटकर उन्हें दी थी. थाना प्रभारी जाहिद हुसैन लेगहारी ने कहा कि डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.

अल्‍पसंख्‍यक बनते हैं ईशनिंदा कानून का निशाना

पाकिस्तान में जनरल जिया उल हक़ की तानाशाही के दौरान ईशनिंदा संबंधी कानून बना था. धार्मिक सभा में बाधा पैदा करने, कब्रगाह या श्मशान का अतिक्रमण, धार्मिक आस्थाओं के अपमान और पूजा स्थल या सामग्री को जान-बूझकर नुकसान पहुंचाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है. 80 के दशक में कुछ और प्रावधान जोड़े गए. पाकिस्‍तान में पैगंबर मोहम्‍मद के अपमान को अपराध माना जाता है और आरोपियों को उम्रकैद या फांसी दी जा सकती है.

कराची और सिंध प्रांत में बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं. पाकिस्तान हिंदू परिषद ने पूर्व में शिकायत की थी कि निजी रंजिश में ईशनिंदा कानून के तहत अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाया जाता है. एक संस्‍था के अनुसार, 1987 से 2016 के बीच पाकिस्‍तान में कम से कम 1,472 लोगों पर ईशनिंदा के आरोप लगाए गए.

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