‘तलवारें निकालो, उन्‍हें सबक सिखाने का वक्‍त आ गया’, सऊदी अरब पर अटैक के लिए ईरान ने यूं बनाया था प्‍लान

ईरान की इस्‍लामिक रिवॉल्‍यूशन गार्ड कॉर्प्‍स के टॉप कमांडर्स की मीटिंग में हाई-वैल्‍यू टारगेट्स पर हमले करने का प्‍लान बना.
How Iran Planned Saudi Arabia Attack, ‘तलवारें निकालो, उन्‍हें सबक सिखाने का वक्‍त आ गया’, सऊदी अरब पर अटैक के लिए ईरान ने यूं बनाया था प्‍लान

दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफायनरियों पर हमले का प्‍लान चार महीने पहले बना. सऊदी अरब को घुटनों पर लाने के लिए ईरानी सेना के अधिकारी तेहरान में मिले थे. रॉयटर्स के मुताबिक, मीटिंग में मिसाइल डेवलपमेंट और खुफिया ऑपरेशंस देखने वाली इस्‍लामिक रिवॉल्‍यूशन गार्ड कॉर्प्‍स (IRGC) के टॉप कमांडर्स शामिल हुए.

IRGC चीफ मेजर जनरल हुसैन सलामी के सामने एक सीनियर कमांडर ने दहाड़ लगाई, “अब वक्‍त आ गया है कि हम अपनी तलवारें निकालें और उन्‍हें सबक सिखा दें.” इस मीटिंग में, दोहरे नुकसान (जान और माल) वाले टारगेट्स पर हमले करने पर भी चर्चा हुई थी. यहां तक कि वे अमेरिकी सेना के बेस पर भी हमला करने को तैयार थे.

हालांकि शुक्र रहा कि इस प्‍लान को पूरी तरह अंजाम नहीं दिया वर्ना अमेरिका की तरफ से घातक प्रतिक्रिया होती. इसके बजाय ईरान ने अमेरिका के करीबी सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमले किए. सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको पर 14 सितंबर को हुए हमले में ईरान के नेताओं की भूमिका पर यह पहली पुख्‍ता रिपोर्ट आई है.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमनेई ने सेना को ऑपरेशन को हरी झंडी दे दी. मगर शर्त ये रखी थी कि नागरिकों या अमरीकियों को निशाना ना बनाया जाए. हालांकि रॉयटर्स के दावों का यूएन में ईरानी मिशन के प्रवक्‍ता ने खंडन किया है. उन्‍होंने कहा कि ईरान ने हमलों में भूमिका निभाई मगर उसके वरिष्‍ठ नेताओं की ऐसी कोई मीटिंग नहीं हुई, ना ही खमनेई ने किसी हमले की इजाजत दी.

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