अमेरिका के प्रतिबंधों को धोखा देने के लिए कैसे चीन और ईरान की मदद कर रहा है नेपाल

FinCEN फाइल्स में बताया गया है कि 10 नेपाली कंपनियों ने सीधे तौर पर संदिग्ध फंड भेजा और प्राप्त किया है. रिपोर्ट के मुताबिक 292.7 मिलियन डॉलर की संदिग्ध राशि का लेनदेन 11 साल की अवधि में इन बैंकों और कंपनियों के जरिए किया गया है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 12:49 am, Tue, 22 September 20

नेपाल में कुछ बैंक और कंपनियां कथित तौर पर ओवरसीज से संदिग्ध रूप से प्राप्त धन को ट्रांसफर करने में शामिल हैं, सेंटर फॉर इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म (CIJ) ने अंतरराष्ट्रीय कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) और बज़फीड द्वारा की गई एक जांच में खुलासा हुआ है. रविवार को जारी की गई इस इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में नेपाली कंपनियों और बैक द्वारा अमेरिकी प्रतिबंधों को धोखा देने, खासकर ईरान और चीन से व्यापार करने के प्रयास करते हुए बताया गया है.

फाइनेंशियल क्राइम्स एनफोर्समेंट नेटवर्क (अमेरिका में आर्थिक लेनदेन प्रक्रिया पर निगरानी रखने वाली सरकारी बॉडी) द्वारा तैयार किए गए टॉप सीक्रेट कागजातों के मुताबिक इस सामूहिक जांच रिपोर्ट को फिनसेन (FinCEN) फाइल्स नाम दिया गया है. FinCEN फाइल्स के मुताबिक दिसंबर 2006 और मार्च 2017 के बीच 9 बैंक, 10 कंपनियों और कई व्यक्तियों को नेपाल में क्रॉस बॉर्डर ट्रेड के नाम पर संदिग्ध फंड का लेनदेन करते हुए पाया गया.

11 साल में 292.7 मिलियन डॉलर का लेनदेन

25 पेज की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ नेपाली बिजनेस संस्थाएं सोने, कोलतार और दूरसंचार उपकरणों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी में भी शामिल थीं. रिपोर्ट में स्टैंडर्ड चार्टेड बैंक, प्राइम कमर्शियल बैंक, बैंक ऑफ काठमांडू, नेपाल इनवेस्टमेंट बैंक, एवरेस्ट बैंक, मेगा बैंक, हिमालयन बैंक, एपेक्स डेवलपमेंट बैंक ऑफ कास्की और नेपाल बांग्लादेश बैंक का जिक्र पैसे की हेरफेर करने वाले संदिग्ध बैंकों की लिस्ट में किया गया है.

FinCEN फाइल्स में बताया गया है कि 10 नेपाली कंपनियों ने सीधे तौर पर संदिग्ध फंड भेजा और प्राप्त किया है. रिपोर्ट के मुताबिक 292.7 मिलियन डॉलर की संदिग्ध राशि का लेनदेन 11 साल की अवधि में इन बैंकों और कंपनियों के जरिए किया गया है. रिपोर्ट में रौनियार ब्रदर्स एंड कंपनी, सुभासमृद्धि प्राइवेट लिमिटेड, एलडी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, फेल्ट एंड यार्न प्राइवेट लिमिटेड, वुमन्स पेपर क्राफ्ट्स, एक्मे मनी ट्रांसफर सर्विस और सन्नी एंटरप्राइजेस का जिक्र क्रॉस बॉर्डर लेनदेन में शामिल कंपनियों के तौर पर किया गया है.

प्रतिबंधों को नियंत्रित करने के लिए संदिग्ध फंड का इस्तेमाल

FinCen के मुताबिक ZTE (Zhongxing Telecommunication Equipment) कॉर्पोरेश, जो कि चीन की सबसे बड़ी टेलीकम्युनिकेश सर्विस कंपनी है, ने 17 मार्च 2011 से 1 मार्च 2017 के बीच कई देशों में 213.3 मिलियन डॉलर भेजे. इन देशों में नेपाल भी शामिल है. ZTE ने ये लेनदेन बीजिंग स्थित चीन कंस्ट्रक्शन बैंक के जरिए किया. अमेरिका के न्यू यॉर्क स्थित चीन कंस्ट्रक्शन बैंक में पाया गया कि लेनदेन की ये रकम संदिग्ध थी.

FinCEN के मुताबिक 4 नवंबर 2013 से 27 फरवरी 2017 के दौरान पाया गया कि ZTE ने काठमांडू स्थित नेपाल इनवेस्टमेंट बैंक में पैसा जमा कराया. FinCEN ने अलग-अलग मीडिया आउटलेट्स का हवाला देते हुए, पांच साल की जांच में कई साजिशों का जिक्र किया, जो कि ZTE ने अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए बनाई थीं.

कंपनी अमेरिका से टेलीकम्युनिकेशन उपकरण की खरीद करती है और ईरान को ZTE के उपकरण के रूप में अवैध रूप से बेचती है. FinCEN के मुताबिक, ZTE ने अलग-अलग देशों में अमेरिकी प्रतिबंधों को नियंत्रित करने के लिए संदिग्ध फंड का इस्तेमाल किया.