सैन्य खर्चों की लिस्ट में कभी टॉप-10 में भी नहीं था भारत, तीसरे नंबर तक पहुंचने में लगे 100 साल

यहां तक पहुंचने के लिए भारत को लग गए 100 साल. अभी भी सैन्य क्षेत्र में खर्च के मामले में अमेरिका टॉप पर है.
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नई दिल्ली: संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सक्रिय सेना है. साल 2018 में, अमेरिका ने अपनी सेना पर इतना पैसा खर्च किया जितना भारत 10 बार में करता है यानि. भारत के खर्च किए बजट से 10 गुना ज्यादा. फिर भी अमेरिका हमेशा अंतरराष्ट्रीय ट्रैकिंग पर शीर्ष पर नहीं रहा.

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1914
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक प्रथम विश्व युद्ध की तैयारियों में यूरोप के साथ, चार साल के लंबे संघर्ष के बाद सैन्य बजटों पर बल दिया गया, जिसने कई महाद्वीपों को बिखेर दिया.

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1939
द्वितीय विश्व युद्ध के समय सैन्य बजट में जबरदस्त उछाल देखा गया. जर्मनी ने 40 बिलियन से ज्यादा खर्च किया.

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1975
ये वक्त था जब पूरी दुनिया में कोल्ड वार चल रहा था. विश्व की दो महान शक्तियां यूएस और रूस अपनी-अपनी सैन्य ताकतें बढ़ा रहे थे.

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1990
ये वो दौर था जब सोवियत संघ का विघटन हो चुका था. आंकडों में आप देखेंगे कि यूएस ने अपनी सैन्य क्षमता पर सबसे ज्यादा खर्च कर रहा है. इसके बाद रूस का नंबर आता है.

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2010
1950 के बाद पहली बार टॉप 10 में भारत का नंबर आया. यूएस नंबर 1 बना हुआ था. इसके बाद चीन, फ्रांस और रूस का नंबर आता है.

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2018
अभी भी अमेरिका ही सबसे ज्यादा खर्च बना हुआ है. लेकिन खास बात ये है कि अब भारत चौथे स्थान पर पहुंच गया है. उससे भी चौंकाने वाली बात ये है कि भारत से ऊपर सऊदी अरब है. जोकि पहले भारत से भी पीछे था. सऊदी अरब तीसरा सबसे ज्यादा खर्च करने वाला देश बना.

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