कश्‍मीर पर दाल नहीं गली, अब इस्लाम को बदनाम कर रहे इमरान खान

बौखलाहट में आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अनाप-शनाप बोल चुके इमरान अब इस्‍लाम को भी बदनाम कर रहे हैं. उनके हालिया ट्वीट इस ओर साफ इशारा करते हैं.

जम्‍मू-कश्‍मीर मामले में जबरन पार्टी बने पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की कोई नहीं सुन रहा. ना तो संयुक्‍त राष्‍ट्र में उनकी बात सुनी जा रही, ना ही अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय से उनको समर्थन मिल रहा है. बौखलाहट में आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अनाप-शनाप बोल चुके इमरान अब इस्‍लाम को भी बदनाम कर रहे हैं. उनके हालिया ट्वीट इस ओर साफ इशारा करते हैं.

इमरान ने 16 अगस्‍त की सुबह ट्वीट किया, “फासीवादी, हिंदू श्रेष्‍ठतावादी मोदी सरकार को पता होना चाहिए कि जहां सुपीरियर फोर्सेज, सेनाओं, मिलिटेंट्स और टेररिस्‍ट्स को हरा सकती है. इतिहास हमें बताता है कि जब कोई देश एक स्‍वतंत्रता आंदोलन में एकजुट हो जाता है और मौत का भय नहीं रखता, तो उसे कोई भी ताकत अपना लक्ष्‍य हासिल करने से नहीं रोक सकती. इसलिए मोदी-नीत सरकार के IOK में कश्‍मीरी आजादी के संघर्ष को दबाने के फासीवादी तरीके बुरी तरह फेल होंगे.”

इमरान ने आगे उर्दू में लिखा, “यही वजह है कि मोदी सरकार उसके कब्जे वाले कश्मीर में अपनी तमाम क्रूर चालों में कामयाब नहीं हो पाएगी. कश्मीरियों द्वारा स्वतंत्रता के लिए संघर्ष को दबाने के सभी प्रयास विफल हो जाएंगे.”

15 अगस्‍त को भी इमरान ने ट्वीट किया था, “क्या दुनिया जम्मू-कश्मीर में चुपचाप स्रेब्रेनिका की तरह नरसंहार देखेगी, जहां मुसलमानों का सफाया किया जाएगा. मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चेतावनी देता हूं कि अगर ऐसा हुआ तो मुस्लिम देशों में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिलेंगे.”

खान ने बुधवार को कश्मीरियों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाया था. पीओके के मुजफ्फराबाद की विधानसभा के एक विशेष सत्र को संबोधित करते हुए खान ने कहा था कि नई दिल्ली की ओर से की जाने वाली किसी भी गलती पर इस्लामाबाद की ओर से ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा.