इमरान के नेता ने सरकारी स्कूल में छात्राओं को बांटे बुर्के, लड़कियों की सुरक्षा को बताया वजह

प्रशासन ने पूर्व जिला परिषद सदस्य मुजफ्फर शाह द्वारा दिए गए पैसों से रुस्तम घाटी के चेना गांव के मॉडल स्कूल में लड़कियों को बुर्के बांटे.

एक तरफ तो विकसित देश स्कूल और कॉलेज में बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्हें लैपटॉप वगैरह बांट रहे हैं. वहीं दूसरी ओर भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के सरकारी स्कूलों में लड़कियों को बुर्के बांटे जा रहे हैं.

एक तरफ तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नए और विकास वाले पाकिस्तान की बात करते हैं, तो वहीं दूसरी ओर उनकी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के नेता खैबर पख्‍तूनख्‍वां के सरकारी स्कूल में छात्राओं को बुर्के बांटने में लगे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रशासन ने पूर्व जिला परिषद सदस्य मुजफ्फर शाह द्वारा दिए गए पैसों से रुस्तम घाटी के चेना गांव के मॉडल स्कूल में लड़कियों को बुर्के बांटे. इन बुर्कों की कीमत एक लाख रुपए थी, जो कि फ्री में छात्राओं को बांटे गए.

रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले पर बात करते हुए मुजफ्फर शाह ने कहा, “मैंने फैसला किया था कि छात्राओं के लिए आबाया खरीदा जाए, लेकिन स्थानीय नेताओं से सलाह-मशविरा करने के बाद मैंने बुर्का खरीदा.”

खैबर पख्‍तूनख्‍वां के चीफ मिनिस्टर के सलाहकार जियाउल्लाह की ओर से गांव के काउंसिलर ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था. इस नोटिफिकेशन में कहा गया था कि छात्राओं को पर्दे में स्कूल आना होगा. इसके पीछे उन्होंने लड़कियों की सुरक्षा का हवाला दिया था. इस नोटिफिकेशन के बाद ही स्कूल में बुर्का बांटने का फैसला लिया गया था.

हालांकि इस नोटिफिकेशन को वापस ले लिया गया था. खैबर के चीफ मिनिस्टर का कहना था कि इसे बिना सरकार की मंजूरी के ही लागू कर दिया गया था.

 

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