मुस्लिमों को निशाना बनाने के लिए भारत ने किया कश्मीर का विलय, बोले इमरान खान

इमरान खान ने कहा कि भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की आ रही खबरों से मोदी सरकार द्वारा मुसलमानों की जातीय सफाई की नीति को लेकर दुनिया भर में इसे खतरे की घंटी समझा जाना चाहिए.

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा है. पाक पीएम ने एक बार फिर इस्लामिक कार्ड खेलने की कोशिश की है.

इमरान खान ने इस बार भारत में जारी हुई नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) का सहारा लिया है. इमरान ने कहा कि भारत के कब्जे वाले कश्मीर का विलय करना भारत सरकार की मुस्लिमों को निशाना बनाने वाली एक व्यापक नीति का हिस्सा है.

‘इसे खतरे की घंटी समझाना चाहिए’
इमरान खान ने एक ट्वीट किया, “भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की आ रही खबरों से मोदी सरकार द्वारा मुसलमानों की जातीय सफाई की नीति को लेकर दुनिया भर में इसे खतरे की घंटी समझा जाना चाहिए. कश्मीर का विलय मुस्लिमों को निशाना बनाने वाली इसी व्यापक नीति का हिस्सा है.”

गौरतलब है कि इमरान खान ने हाल ही में कश्मीर राग अलापते हुए युद्ध की चेतावनी दी है. ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ में एक लेख में इमरान ने कहा कि अगर विश्व कश्मीर पर भारत के फैसले को रोकने के लिए कुछ नहीं करता तो दोनों परमाणु संपन्न देश सैन्य युद्ध के करीब पहुंच जाएंगे. इससे दुनिया भर को गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेंगे.

‘भारत कश्मीर से सेना हटा ले तभी…’
इमरान खान ने भारत के साथ बातचीत के लिए कुछ शर्तें रखी हैं. इन शर्तों का जिक्र न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए लिखे लेख में किया है. इमरान खान ने कहा कि भारत के साथ तभी बातचीत शुरू हो सकती है जब वह कश्मीर से सेना को हटा ले और वहां कर्फ्यू और तालाबंदी जैसे हालात को खत्म करे.

इमरान खान ने लिखा है कि बातचीत में कश्मीर के जितने भी हितधारक हैं उन सभी को शामिल करना होगा तभी एक समाधान तक पहुंच सकते हैं और इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रह सकती है.

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