RIC का अध्यक्ष बना भारत, चाबहार पर ईरान से आई अच्छी खबर

भारत (India) के लिए एक के बाद एक अच्छी खबर आ रही है. एक ओर भारत आरआईसी (RIC) का अध्यक्ष बन गया है. दूसरी ओर मॉस्को में रूसी विदेश मंत्री से हुई एस. जयशंकर की मुलाकात भी 'बेहतरीन' रही.

गुरुवार को खबर आई कि भारत RIC (रशिया, इंडिया और चाइना) संगठन का अध्यक्ष बन गया. ये संगठन तीन देशों रूस (Russia), भारत (India) और चीन(China) का है. गुरुवार दोपहर तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की लंच पर आरआईसी की बैठक हुई जिसमें ये फैसला लिया गया.

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishankar) और रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव ने मास्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में मुलाकात की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय मामलों और अंतर्राष्ट्रीय चिंताओं पर अच्छी चर्चा हुई.

प्रवक्ता ने कहा कि, ‘द्विपक्षीय मामलों, रीजनल डेवलपमेंट और कन्सर्न के अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर बेहतरीन चर्चा हुई.’ विदेश मंत्री ने भी ट्वीट कर बताया कि लावरोव के साथ बेहतरीन बातचीत हुई और उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर एक्सचेंज को बढ़ावा दिया.

विदेश मंत्री ने ट्वीट किया, ‘एफएम सर्गेई लावरोव से मिलकर खुशी हुई. ये बातचीत हमारी विशेष रणनीति संबंधी भागीदारी को दर्शाती है और अंतर्राष्ट्रीय स्थिति पर हमारे संबंधों को महत्त्व देती है.’ एस. जयशंकर की मुलाकात अपने चीनी समकक्ष वांग यी से भी होने वाली है. इस मुलाकात में वो एलएसी पर भारत-चीन सेना के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चर्चा करेंगे.

ईरान में हुई चाबहार पर बातचीत

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के ईरान दौरे में चाबहार सहित कई द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई. रविवार को रूस से वापस आते समय ईरान में राजनाथ सिंह की मुलाकात अपने समकक्ष ब्रिगेडियर जनरल आमिर हतामी से हुई.

इसके दो दिन बाद एस. जयशंकर मंगलवार को तेहरान गए जहां उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री जावेद ज़ारिफ से मुलाकात की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि इस मुलाकात में दोनों पक्षों ने कहा कि चाबहार बंदरगाह से यातायात बढ़ रहा है.

2018 में भारत और ईरान ने चाबहार बंदरगाह को विकसित करने के लिए 85 मिलियन अमेरिकी डॉलर का एक समझौते पर साइन किए थे. चाबहार बंदरगाह दक्षिण-पूर्वी ईरान में, ओमान की खाड़ी पर स्थित है जो भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार के लिए मार्ग प्रदान करता है.

अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि ईरान में भारत के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री ने अपने समकक्षों से मुलाकात की थी. ईरान हमारा पड़ोसी मुल्क है. ईरान के साथ हमारे गहरे रिश्ते हैं और ये ऐतिहासिक संबंध हैं. विदेश मंत्री ने कहा कि ज़ारिफ के साथ ‘प्रोडक्टिव’ मुलाकात हुई और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूती देने पर जोर दिया गया.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने ईरान दौरे और ईरानी रक्षा मंत्री हतामी के साथ बातचीत को ‘सफल’ बताया. उन्होंने कहा कि उनकी द्विपक्षीय सहयोग, अफगानिस्तान समेत रीजनल सिक्योरिटी के मुद्दों पर चर्चा हुई.

चीन सीमा विवाद पर होगी चर्चा

भारतीय सेना ने मंगलवार को एक बयान जारी किया जिसमें बताया गया कि चीन के सैनिकों ने पिछली शाम को पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के दक्षिणी तट के पास भारतीय हिस्से पर कब्जे का प्रयास किया और हवा में गोलियां चलाईं.

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने सोमवार रात आरोप लगाया कि भारतीय सेना ने एलएसी को पार कर लिया और पैंगोंग झील के पास गोलियां चलाईं. जिसके बाद भारतीय सेना की ओर से ये बयान जारी किया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मुलाकात में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी.

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