हां हम भारतीय ज्‍यादा राष्‍ट्रवादी हैं, इसमें कुछ गलत नहीं: एस जयशंकर

चीन के BRI का मकसद एशिया को यूरोप से जोड़ना है. पाकिस्‍तान और चीन BRI प्रोजेक्‍ट पर साथ काम रहे हैं. पीओके से गुजरने वाला CPEC इसी BRI प्रोजेक्‍ट का हिस्‍सा है.
china pakistan, हां हम भारतीय ज्‍यादा राष्‍ट्रवादी हैं, इसमें कुछ गलत नहीं: एस जयशंकर

नई दिल्‍ली: चीन के बेल्‍ट एंड रोड इनिशिएटिव्‍स (BRI) के बारे में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अहम बयान दिया है. उन्‍होंने कहा कि भारत BRI से अलग ही रहेगा, क्‍योंकि हम संप्रभुता के साथ समझौता नहीं कर सकते हैं.

चीन के BRI का मकसद एशिया को यूरोप से जोड़ना है. पाकिस्‍तान और चीन BRI प्रोजेक्‍ट पर साथ काम रहे हैं. पाकिस्‍तान की मदद से चीन पीओके में घुस गया है, जहां से होकर चाइना-पाकिस्‍तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) गुजर रहा है. पीओके आधिकारिक तौर पर भारत का हिस्‍सा है, यही कारण है कि भारत ने खुद को चीन के BRI प्रोजेक्‍ट से अलग रखा है.

वर्ल्‍ड इकनॉकि फोरम की ओर से आयोजित इंडिया इकनॉमिक समिट में विदेश मंत्री ने जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने पर भी बात कही. एस जयशंकर ने दुनिया को बताया कि आर्टिकल 370 संविधान में अस्‍थाई प्रावधान के तौर पर था.

विदेश मंत्री ने कहा कि कश्‍मीर मसले पर मध्‍यस्‍थता के मुद्दे पर कहा कि कश्‍मीर पूरी तरह द्विपक्षीय मसला है और इस पर किसी तीसरे देश की मध्‍यस्‍थता की जरूरत नहीं है.

इस फोरम पर एस जयशंकर राष्‍ट्रवाद पर भी अपने विचार रखे. उन्‍होंने कहा कि यह सच है कि हम भारतीय ज्‍यादा राष्ट्रवादी हैं, लेकिन इससे हमारी अंतरराष्ट्रीयता पर कोई असर नहीं पड़ता है. राष्ट्रवादी होना गलत नहीं है.

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