चीनी राजदूत का बयान- कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ, भारत ने दर्ज कराया विरोध

ज़ाहिर है तटीय शहर महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अगले हफ्ते उच्च स्तरीय बैठक होने वाली है.
India protests China’s envoy, चीनी राजदूत का बयान- कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ, भारत ने दर्ज कराया विरोध

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग विश्व धरोहर स्थल महाबलीपुरम में 11-12 अक्टूबर को अनौपचारिक शिखर बैठक करेंगे. लेकिन दोनों राष्ट्राध्यक्षों की बैठक से पहले चीन राजदूत याओ जिंग के एक बयान को लेकर भारत में बवाल मचा हुआ है.

चीनी राजदूत ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में कश्मीर से विशेष राज्य का दर्ज़ा हटाए जाने को मौलिक अधिकार का हनन बताते हुए पाकिस्तान को समर्थन देने की बात कही है.

उन्होंने कहा, ‘हमलोग भी कश्मीरियों को न्याय दिलाने की दिशा में काम कर रहे हैं. कश्मीर मुद्दे पर उचित समाधान निकालने की ज़रूरत है और चीन हर तरह से पाकिस्तान के साथ है.’

भारत ने चीनी राजदूत के इस बयान पर राजनयिक चैनलों के माध्यम से विरोध दर्ज़ किया है.

ज़ाहिर है तटीय शहर महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अगले हफ्ते होने वाली उच्च स्तरीय बैठक को लेकर भारत में ज़ोर-शोर से तैयारियां चल रही है. ऐसे में चीन के इस बयान का क्या मतलब निकाला जाए. चीन कश्मीर मुद्दे को लेकर यूएन (संयुक्त राष्ट्र संघ) में भी भारत के ख़िलाफ़ आपत्ति दर्ज कर चुका है.

हालांकि चीन और पाकिस्तान की चाल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह से नाकाम रही है. ऐसे में शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले चीनी राजदूत के इस बयान का क्या मतलब समझा जाए?

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