यूके की संसद में पहली बार पादरी चुनी गई भारतीय मूल की महिला, जाने कौन हैं ये

ये पादरी सामाजिक कार्यकर्ता रही हैं और एड्स के शिकार लोगों की मदद करती रही हैं.

United Kingdom में पहली बार भारतीय मूल की पादरी को संसद की पुरोहित नियुक्त किया गया है. हाउस ऑफ कॉमन्स में सांसदों द्वारा प्रार्थना की प्रथा 1558 से चली आ रही है और रेव कैनन पैट्रिसिया हिलास (Rev Canon Patricia Hillas) इसकी 80वीं पुरोहित हैं.

मलेशिया के कुआललंपुर शहर में भारतीय मां और ब्रिटिश पिता से पैदा हुई रेव का परिवार 1971 में यूके आ गया था. इससे पहले वे सामाजिक कार्यकर्ता थी और लोगों को HIV-AIDS का पता लगाने में मदद करती थीं. जून 2017 में ग्रेनफेल टॉवर में लगी आग मे हताहत हुए लोगों की मदद के लिए भी वे आगे आई थीं.

हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर जॉन बर्को ने इस मौके पर कहा कि ‘हमने इनकी टीम को ग्रेनफेल टॉवर हादसे के शिकार लोगों के परिवारों की सेवा करते देखा है. चर्च में सेवा के अलावा इन्होंने रिफ्यूजी, बेघर और एड्स से पीड़ित लोगों की हमेशा मदद की है.’

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