जिस शख्स ने एडल्टरी लॉ बनवाया, अब तोड़ने पर खुद ही खाने पड़े कोड़े

देश का एकेह एक बहुत ही पिछड़ी सोच वाला प्रान्त माना जाता है. मुखलिस यहीं का निवासी है.

यह फोटो ट्विटर से ली गई है.

इंडोनेशिया में जिस व्यक्ति ने एडल्टरी अपराध के खिलाफ मजबूत कानून बनाने में की मदद थी, अब उसी शख्स को इस कानून को तोड़ने के जुर्म में कोड़े पड़े हैं. इंडोनेशिया के सुमात्रा शहर में मुखलिस बिन मोहम्मद नाम के व्यक्ति को जनता के सामने कोड़े मारे गए.

मुखलिस बिन मोहम्मद एक शादीशुदा महिला के साथ सम्बन्ध रखते हुए पकड़ा गया था. इंडोनेशिया के कानून के हिसाब से ये एडल्टरी लॉ के खिलाफ था. मुखलिस बिन मोहम्मद वही शख्स हैं जो कि एकेह उलेमा काउन्सिल (एमपीयू) के लिए काम करते हैं. ये वही संस्था है जिसने एडल्टरी के खिलाफ कड़े कानून बनाने में मदद की थी.

मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया में कोड़े मारना एक आम सजा है, जो की उन लोगों को दी जाती है जो जुआ खेलते हुए, शराब पीते हुए, एक्सट्रामैरिटल अफेयर्स रखते हुए या समलैंगिक संबंधों में संलिप्त पाए जाते हैं. देश का एकेह एक बहुत ही पिछड़ी सोच वाला प्रान्त माना जाता है. मुखलिस यहीं का निवासी है.

एकेह इंडोनेशिया में इकलौता ऐसा प्रान्त है जो वहां के निवासिओं के ऊपर इस्लामिक कानून थोपता है. यहां के डिप्टी मेयर हुसैनी वहाब के हिसाब से ये कानून अल्लाह का हुकुम है और इन्हें तोड़ने की गलती जो भी करेगा उसे सजा भुगतनी पड़ती है.

मुखलिस एक धर्मगुरु भी हैं. वहाब का ये भी कहना है की मुखलिस को काउन्सिल से तुरंत हटा दिया गया है. वे पहले धर्मगुरु हैं, जिन्हें 2005 के बाद सरेआम कोड़े मारने की सजा सुनाई गई.

 

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