कासिम सुलेमानी : कल का हीरो आज ईरान में कैसे बन गया विलेन?

ईरानी सेना द्वार यूक्रेनी विमान को गलती से मार गिराए जाने की जिम्मेदारी लेना पड़ा भारी, तेहरान में बड़े पैमाने पर हुआ विरोध-प्रदर्शन, खमनेई की इस्तीफे की मांग

ईरान की जनता एक बार फिर सड़कों पर है. कल तक यही लोग अपने टॉप कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए सड़कों पर थे. मगर आज वही सुलेमानी इनके लिए विलेन बन गया है.

दरअसल यूक्रेन के विमान को गलती से मार गिराने के कबूलनामे के बाद ईरान में हंगामा खड़ा हो गया है. हादसे की जिम्मेदारी लेने के बाद से ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खमनेई के खिलाफ हजारों नागरिक सड़कों पर उतर आए हैं और खमनेई के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

राजधानी तेहरान में रविवार को विश्वविद्यालय के बाहर भारी तादाद में प्रदर्शनकारी एकजुट हुए. उन्‍होंने सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. लोगों ने कहा कि ‘सरकार कहती है कि हमारा दुश्मन अमेरिका है, वास्तव में हमारा दुश्मन यहीं मौजूद है.’ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े.

वहीं अमेरिका ने भी ईरान में हो रहे विरोध-प्रदर्शन में दिलचस्पी दिखाई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने  ट्वीट किया कि ईरान में हो रहे प्रदर्शनों पर हमने करीब से नजर बना रखी है. हम प्रदर्शनकारियों के साथ हैं. दूसरा नरसंहार नहीं होने देंगे.

बता दें 8 जनवरी को ईरान के मिसाइल हमले में यूक्रेन का नागरिक विमान क्रैश हो गया था जिसमें 176 लोगों की मौत हो गई थी. ईरान ने शनिवार को ये बात कबूल भी कर ली थी.

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने इसे मानवीय भूल बताते हुए संवेदना प्रकट की थी. विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा, ‘दुखी करने वाला दिन. आर्मी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अमेरिका के हमले के वक्त मानवीय भूल की वजह से हादसा हुआ. इस पर खेद व्यक्त करते हुए पीड़ितों के परिवारों से माफी मांगते हैं.’

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