अमेरिका की मदद लेने से ईरान ने किया इनकार, कहा – CoronaVirus को जिंदा करने की दे देगा दवा

खुमैनी (Ali Khamenei) ने कहा, “अमेरिका हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है. अमेरिका के नेता झूठे हैं.” इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका को आतंकी और लालची भी बताया.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 12:03 pm, Mon, 23 March 20

दुनिया के लगभग सभी देश कोरोना वायरस (CoronaVirus) की मार झेल रहे हैं. ईरान और अमेरिका में भी इसका कहर जारी है. इस कठिन स्थिति में भी अमेरिका और ईरान अपनी दुश्मनी भूलने को तैयार नहीं. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खुमैनी (Ayatollah Ali Khamenei) ने रविवार को 129 नई मौतों का आंकड़ा जारी कर अमेरिका पर तीखा हमला बोला है.

अमेरिका ने ईरान के सामने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए मदद की पेशकश की है जिसे ईरान ने एक बार फिर ठुकरा दिया है. साथ ही खुमैनी ने अमेरिका के लिए यहां तक कह दिया कि दवाओं के बहाने अमेरिका ईरान में ऐसा ड्रग ला सकता है, जिससे फिर बाद में वायरस को मिटाना ही नामुमकिन हो जाए.

अमेरिका ने ईरान के सामने फरवरी में मदद का प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने ठुकरा दिया और अमेरिका की मदद लेने से साफ तौर पर इंकार कर दिया है.

खुमैनी ने कहा “अमेरिका हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है. अमेरिका के नेता झूठे हैं. अमेरिका का हमें दवा और इलाज का प्रस्ताव हैरानी भरा है.” इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका को आतंकी और लालची भी बताया और कहा कि अमेरिका में खुद इक्विपमेंट्स और दवाओं की कमी है तो वह किसी और देश की मदद कैसे कर सकता है.

अमेरिका के मदद के प्रस्ताव को ठुकराने के साथ खुमैनी ने ईरान की जनता से अपील की है कि इस महामारी से लड़ने के लिए वह निर्देशों का पालन करे. ऊपरवाला ईरान पर, मुस्लिम देशों पर और दुनिया पर आई इस आपदा को खत्म कर देगा. उन्होंने लोगों से नए साल के जश्न में ट्रैवल ना करने को भी कहा है ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके.

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ईरान में अब तक 21,638 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं और 1,685 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरान में कोरोना वायरस की वजह से हुई मौतों में सबसे ज्यादा मौतें 60 वर्ष की उम्र से ऊपर वाले लोगों की हुई है जो कुल मौतों का लगभग 68 प्रतिशत है.

अमेरिका विश्व शक्ति कहलाता है और ईरान दुनिया की 13वीं सबसे बड़ी सैन्य शक्ति वाला देश है. अमेरिका और ईरान की दुश्मनी का इतिहास बहुत पुराना है. इस दुश्मनी की आग को सबसे ज्यादा हवा तब मिली, जब हाल ही में अमेरिका ने अपने ड्रोन हमले से, बगदाद में ईरान के ताकतवर और लोकप्रिय जनरल कासिम सुलेमानी (Qasem Soleimani) की हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद, दोनों देशों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया था कि तीसरे विश्वयुद्ध के शुरुआत तक की अटकलें लगाई जाने लगीं थीं. हालांकि हालात अभी समाप्त नहीं हुए हैं, केवल शांत हैं.