ईरान ने ब्रिटिश तेल टैंकर को किया जब्त, क्रू मेंबर्स में 18 भारतीय भी शामिल

ईरान के अमेरिका-ब्रिटेन पर गुस्से का शिकार कुछ भारतीय भी हो रहे हैं. ईरानी सरकार ने जिस ब्रिटिश तेल टैंकर को रोका है उसमें भारतीय भी सवार हैं.

खाड़ी में तनाव का असर अमेरिका के दोस्त देश ब्रिटेन को भी झेलना पड़ गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मूज़ में ब्रिटिश तेल टैंकर को ईरान ने जब्त कर लिया. मालूम पड़ा है कि एक टैंकर के अंदर 23 क्रू मेंबर्स में से 18 भारतीय नागरिक हैं. तेल टैंकरों के मालिकों को चालक दल तक ना पहुंचने देने की भी खबर है, हालांकि सबके सेहतमंद होने के बारे में पता चला है.

iran, ईरान ने ब्रिटिश तेल टैंकर को किया जब्त, क्रू मेंबर्स में 18 भारतीय भी शामिल

ख़बर मिलते ही हंगामा मच गया. ब्रिटिश विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने ईरानी विदेश मंत्री जवाद ज़ारिफ से फोन पर बात की. हंट ने बताया कि साफ हो चुका है कि ईरान ने बदले की कार्रवाई के तहत खाड़ी में उनके एक तेल टैंकर पर कब्ज़ा कर लिया है. ईरान ने इसी महीने अपने एक तेल टैंकर पर कब्ज़े का जवाब देने के लिए कार्रवाई की है जिसमें ब्रिटेन की भूमिका थी. शुक्रवार को भी ब्रिटिश स्वामित्व वाले लाइबेरिया के एक टैंकर पर भी ईरान के हथियारबंद गार्ड्स ने कब्ज़ा कर लिया था लेकिन उसे छोड़ दिया गया था.

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ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेरेमी हंट

अब ब्रिटेन अपने टैंकर के पकड़े जाने के बाद उत्पन्न तनाव को दूर करने का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है. वहीं ईरान ने आरोप लगाया है कि ये टैंकर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन कर रहा था. अब ये पूरी कानूनी प्रक्रिया से गुज़रेगा. ईरान की राष्ट्रीय न्यूज़ एजेंसी आईआरएनए ने कहा है कि इस टैंकर को एक मछली पकड़नेवाली नाव से टकराने के बाद जब्त किया गया था.

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राहत की बात है कि ब्रिटिश पक्ष मसले के कूटनीतिक हल की बात कर रहा है, और किसी भी सैन्य कार्यवाही से इनकार किया है. एक वरिष्ठ ईरानी राजनयिक को जहाज को कब्ज़े मे लिए जाने के बाद लंदन के विदेश कार्यालय भी बुलाया गया था. हालांकि विदेश मंत्री ने अपने ट्वीट में ईरान के प्रति नाराज़गी व्यक्त करते हुए लिखा कि बीते शनिवार ईरान ने भरोसा दिलाया था कि वो तनाव कम करना चाहता है लेकिन वो बिल्कुल इसके विपरीत कर रहा है, जिसने मुझे बेहद निराश किया है. खाड़ी में हुई कल की घटना चिंताजनक स्थिति की ओर ध्यान दिलाती है. ये बताती है कि ईरान ने अवैध और अस्थिर व्यवहार को अपना लिया है.

आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों में ईरान के संबंध अमेरिका और ब्रिटेन से खराब हो गए हैं. अमेरिका ने जिस तरह ईरान पर प्रतिबंध बढ़ाए हैं उसके चलते अब ईरानी सरकार भी कड़ा रुख अपना रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद को ईरान के परमाणु समझौते से अलग कर लिया था. इस समझौते पर 2015 में संयुक्त राष्ट्र समेत अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने हस्ताक्षर किए थे. समझौते में तय हुआ था कि ईरान महज़ तीन फीसदी यूरेनियम का इस्तेमाल करेगा.