पीएम मोदी पर निजी हमले बंद कर बैकडोर बातचीत शुरू करो, मुस्लिम देशों की पाक को नसीहत, VIDEO

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हालात को सामान्य करने के लिए भारत के साथ पर्दे के पीछे से कोई कूटनीतिक बातचीत नहीं की जा रही है.

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की हालत अब ऐसी हो गई कि अब कोई मुस्लिम देश भी उनका साथ नहीं दे रहा है. साथ देना तो दूर अब मुस्लिम देशों ने उसे नसीहत जरूर दे दी. सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे प्रभावशाली मुस्लिम देशों ने एक ओर पाकिस्तान को भारत के साथ बैकडोर डिप्लॉमसी चैनल ऐक्टिवेट करने की राय दी है साथ ही पाकिस्तान से कहा है कि वह भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए तल्ख भाषा के इस्तेमाल पर लगाम लगाएं. इसके जवाब में इस्लामाबाद ने इस प्रस्ताव को नकार दिया है.

पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, तीन सितंबर को सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदिल अल जुबैर और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन अल नाहयान इस्लामाबाद दौरे पर अपने नेतृत्व और कुछ अन्य शक्तिशाली देशों की ओर से संदेश लेकर आए थे. उन्होंने पाकिस्तान से कहा कि वह भारत के साथ अनौपचारिक बातचीत करें. एक दिवसीय यात्रा पर उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से मुलाकात की.

मुस्लिम देशों की बैकडोर डिप्लॉमसी की पेशकश
एक्सप्रेस ट्रिब्यून के एक अधिकारी ने बताया, ‘बातचीत बेहद गोपनीय थी और विदेश मंत्रालय के केवल शीर्ष अधिकारियों को ही उन बैठकों में जाने दिया गया.’ रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और यूएई के राजनयिकों ने यह इच्छा जताई है कि पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव कम करने के लिए वे भूमिका निभाना चाहते हैं. इनमें से एक प्रस्ताव दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे से बातचीत (बैकडोर डिप्लॉमसी) का भी था.

रिश्ते सुधारने में मदद के लिए पाक के सामने रखी शर्त
मध्यस्थों ने पाकिस्तान से पेशकश की कि वो कश्मीर में कुछ पाबंदियों में ढील देने के लिए वह भारत को राजी करने की कोशिश कर सकते हैं, बशर्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले बंद किए जाएं. उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा कि वो पीएम मोदी के खिलाफ जुबानी हमले कम करें.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हालात को सामान्य करने के लिए भारत के साथ पर्दे के पीछे से कोई कूटनीतिक बातचीत नहीं की जा रही है. खान 19 सितंबर को दो दिवसीय दौरे पर सऊदी अरब जाएंगे, इस दौरान भी कश्मीर मुद्दा हावी रह सकता है.