मलेशिया के लिए मुसीबत बना जाकिर नाइक, हिंदुओं-चीनियों पर दिए बयान पर होगी कार्रवाई

पीएम महातिर ने साफ शब्दों में कहा है कि जाकिर को देश की राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा.

नई दिल्ली: मलेशिया में शरण लिए इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक अब उनके लिए ही मुसीबत बन चुका है. मलेशिया के पीएम मोहम्मद महातिर ने अब जाकिर नाइक के खिलाफ कार्रवाई का मन बना लिया है. भड़काऊ बयानों के लिए कुख्यात जाकिर मलयेशिया जाकर भी बाज नहीं आया और वहां भी हेट स्पीच शुरू कर दी.

मलेशिया के पीएम महातिर ने कार्रवाई की ठान ली है. बताया जा रहा है कि मलयेशिया में अधिकारियों ने जाकिर को हिंदुओं और चीनियों के खिलाफ नस्लभेदी बयान देने पर पूछताछ के लिए बुलाया है.

पीएम महातिर ने साफ शब्दों में कहा है कि जाकिर को देश की राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा नहीं लेने दिया जाएगा. आधिकारिक बर्नामा न्यूज एजेंसी की सोमवार की रिपोर्ट के मुताबिक, जाकिर को पुलिस हेडक्वॉर्टर बुकित अमान में बयान दर्ज करने के लिए दोबारा बुलाया गया है. सीआईडी डायरेक्टर हुजिर मोहम्मद ने कहा कि जाकिर को शांति भंग करने से संबंधित दंड संहिता की धारा 504 के तहत बयान दर्ज कराना होगा.

ये भी पढ़ें- सरकार ने तय की अर्धसैनिक बलों की सेवानिवृत्त आयु, अब इतने साल में होंगे रिटायर

जाकिर ने इससे पहले 16 अगस्त को बयान दर्ज कराया था. उसने तीन अगस्त को कोटा बारु में मलयेशिया में रह रहे हिंदुओं और चीनियों को लेकर आपत्तिजनक बात कही थी, जिसके बाद वहां के मंत्रियों ने कैबिनेट बैठक में उसे भारत भेज देने की मांग की थी. उसने चीनी मूल के नागरिकों को लेकर यहां तक कह दिया था कि उन्हें अपने देश लौट जाना चाहिए क्योंकि वे पुराने गेस्ट हैं. वहीं, उन्होंने हिंदुओं को लेकर कहा था कि भारत में जितने अधिकार मुसलमानों को नहीं मिले, उससे 100 गुना अधिक मलयेशिया में हिंदुओं को मिले हुए हैं.

उसके विवादित बयान को देखते हुए पीएम महातिर ने रविवार को कहा था कि यह स्पष्ट है कि जाकिर नस्लीय राजनीति करना चाहता है. उन्होंने कहा, ‘वह नस्लीय भावना को भड़का रहा है. पुलिस को यह जांच करनी होगी कि क्या यह तनाव पैदा करने वाला है, निश्चित रूप से यह तनाव पैदा करने वाला है.’ पीएम महातिर ने कहा, ‘आप उपदेश दे सकते हैं, लेकिन आप वह नहीं कर रहे थे. वह चीनियों को चीन और भारतीयों को भारत जाने की बात कह रहे थे. मैंने कभी ऐसी बात नहीं कही है। लेकिन उसने कही. यह राजनीति है.’