इजराइल में बहुमत से दूर रह गए नेतन्याहू, किंगमेकर लीबरमैन बोले- नहीं करेंगे गठबंधन

नेतन्याहू के सहयोगी रहे और अब विरोध बन चुके 61 वर्षीय लीबरमैन ने कहा कि वह किसी गठबंधन से नहीं जुड़ेंगे.

इजराइल में सरकार किसकी बनेगी यह कहना मुश्किल हो गया है क्योंकि चुनाव नतीजों में किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को 31 सीटें मिली हैं. जबकि मुख्य प्रतिद्वंद्वी ब्लू ऐंड वाइट को लिकुड से एक सीट ज्यादा यानी 32 सीटें मिली हैं.

वहीं दोनों प्रमुख गठबंधनों की बात करें तो वामपंथी धड़े को 56 जबकि नेतन्याहू के नेतृत्व वाले दक्षिणपंथी धड़े को 55 सीटें मिली हैं. इस तरह दोनों धड़ों को सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का जरूरी बहुमत हासिल नहीं हुआ है.

यानी, इजराइल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहे हैं और देश में गठबंधन सरकार बनने की संभावना पैदा हो गई है. इजराइल में मंगलवार को मतदान हुआ था. जिसके बाद बुधवार को मतगणना संपन्न हुई.

नेतन्याहू अप्रैल में हुए चुनाव के बाद बहुमत के साथ गठबंधन नहीं बना पाए थे. टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार 69 वर्षीय नेतन्याहू की लिकुड और उन्हें चुनौती दे रहे मध्यमार्गी पूर्व सैन्य प्रमुख बेनी गांज की ब्लू ऐंड वाइट पार्टी को 90 प्रतिशत मतगणना के बाद संसद की 120 सीटों में से क्रमशः 31 और 32 सीटें मिली हैं.

वहीं, इजराइल बीतेनू पार्टी को नौ सीटें मिली हैं. इसके नेता और पूर्व रक्षा मंत्री एविगदोर लीबरमैन हैं जिनके हाथ में सत्ता का चाबी चली गई है. अब वह नए प्रधानमंत्री के चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे.

नेतन्याहू के सहयोगी रहे और अब विरोध बन चुके 61 वर्षीय लीबरमैन ने कहा कि वह किसी गठबंधन से नहीं जुड़ेंगे. उन्होंने कहा, ‘तस्वीर साफ है. एक ही विकल्प है और यह एक व्यापक लिबरल यूनिटी सरकार का है, जिसमें लिकुड़, ब्लू ऐंड वाइट और उनकी अपनी इजराइल बितेनु शामिल रहेगी.

उधर, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नेतन्याहू ने व्यापक गठबंधन सरकार बनाने के विचार को खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि ऐसी सरकार नहीं बनाई जा सकती जो उन आतंकियों की तारीफ करने वाली पार्टियों के भरोसे हो जिन्होंने हमारे जवानों नागरिकों और बच्चों की हत्या की हो.

उल्लेखनीय है कि बहुमत वाली गठबंधन सरकार बनाने में नाकाम रहने पर नेतन्याहू ने मध्यावधि चुनाव की घोषणा की थी.