जापान: ‘ट्विटर किलर’ ने कोर्ट में कबूला 9 कत्ल का आरोप, वकीलों ने कहा- सहमति लेकर सबको मारा

शिरीषी पर आरोप है कि उसने 15 से 26 साल के पीड़ितों, जिन्होंने आत्महत्या (Suicide) के बारे में ऑनलाइन पोस्ट किया था, उन लोगों से उसने ट्विटर (Twitter) के जरिए संपर्क किया था. शिरीषि ने पीड़ितों से कहा था कि वह उन लोगों की योजना में मदद कर सकता है.

  • TV9 Digital
  • Publish Date - 7:42 am, Thu, 1 October 20
जापान की एक अदालत में ट्विटर किलर ने नौ लोगों की हत्या की बात कबूल कर ली.

जापान (Japan) की एक अदालत में ‘ट्विटर किलर’ (Twitter Killer) ने नौ लोगों की हत्या की बात कबूल कर ली, यह जानकारी स्थानीय मीडिया (Local Media) ने दी है. शख्स ने बुधवार को कोर्ट में हत्या (Murder) की बात को कबूल कर लिया, लेकिन 29 साल के ताकाहिरो शिरीषी ( Takahiro Shiraishi) के वकीलों ने कहा कि उस पर लगे चार्ज को कम करना चाहिए, क्यों कि उसने उन्हीं लोगों को मारा था, जिन्होंने सोशल मीडिया (Social Media) पर खुद आत्महत्या की इच्छा जताई थी.

एनएचके (NHK) की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ितों को मारने के बाद उनके अंगों को कूलबॉक्सों में रखने का आरोपी शिरीषी ने नौ हत्याओं का दावा नहीं किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्विटर किलर (Twitter Killer) पर रेप का भी आरोप है.

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ट्विटर पर किया आत्महत्या करने वालों से संपर्क

शिरिषी पर आरोप है कि उसने 15 से 26 साल के पीड़ितों, जिन्होंने आत्महत्या के बारे में ऑनलाइन पोस्ट किया था, उन लोगों से उसने ट्विटर के जरिए संपर्क किया था. आरोपी शिरीषी ने ट्विटर पर पीड़ितों से कहा था कि वह उन लोगों की योजना में मदद कर सकता है और उनके साथ मर भी सकता है.

अगर शिरीषी हत्या का दोषी पाया जाया है तो उसे जापान के कानून के हिसाब से फांसी पर लटका दिया जाएगा,  लेकिन आरोपी के वकील चाहते हैं कि उसकी सजा को कम कर दिया जाए, क्यों कि उसने पीड़ितों की सहमति से उनकी हत्या की थी, इसलिए उसे छह महीने से सात साल तक की ही सजा दी जाए. वहीं मैनिची शिंबुन को दिए एक इंटरव्यू में शिरीषी ने कहा कि वह अपने वकीलों की बात से सहमति नहीं रखता, वह अभियोजक पक्ष को बताएगा कि उसने पीड़ितों को उनकी सहमति से नहीं मारा.

‘बिना सहमति के ली 9 लोगों की जान’

शिरिषी ने बुधवार को कोर्ट में कहा कि उसने सभी लोगों की उनकी सहमति के बिना ही मारा था, उनके सिर के पीछे चोट के निशान भी थे, इससे यह साफ है कि उसने पीछे से उन्हें मारा,ताकि वह विरोध न कर सकें. बतादें कि शिरीषी को पुलिस ने तीन साल पहले एक 23 साल की महिला के लापता होने पर हिरासत में लिया था, उस महिला ने भी कथित तौर पर ट्विटर पर खुद को मारने की इच्छा जाहिर की थी. लापता महिला के भाई ने ट्विटर पर संदिग्ध गतिविधि देखी थी.

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साल 2017 में हैलोवीन त्योहार के मौके पर पुलिस ने शिरीषी के घर के दरवाजे के पीछे का खौफनाक मंजर उजागर किया था. उसके घर से क्षत-विक्षित नौ शरीर बरामद किए गए थे, और कूलबॉक्स से हड्डियों के 240 टुकड़े मिले थे. सबूत को छिपाने के लिए कूलबॉक्स में बिल्ली के अवशेष भी रखे गए थे. शिरिषी ने शिंबुन को बताया कि उसने पकड़े जाने की योजना नहीं बनाई थी, और सभी को अंजाम तक पहुंचाने तक उसने खुदपर बिल्कुल भी घमंड नहीं किया.

एनएचके ने कहा कि बुधवार को कोर्ट में पहली सुनवाई के दौरान 13 पब्लिक गैलरी सीट पर 600 से ज्यादा लोग मौजूद रहे. सात औद्योगिक देशों के समूह के बीच जापान में आत्महत्या के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं. करीब बीस हजार से ज्यादा लोग हर साल आत्महत्या कर लेते हैं.