करतारपुर कॉरिडोर: प्रति श्रद्धालु 20 डॉलर वसूलना चाहता है पाकिस्‍तान

पाकिस्‍तान की ओर से करतारपुर साहिब जाने वाले भक्‍तों के लिए तीर्थ यात्रा शुल्‍क के प्रस्‍ताव पर भारत पहले ही कड़ी आपत्ति जता चुका है.

नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान ने करतारपुर साहिब कॉरिडोर का अंतिम मसौदा भारत को भेज दिया है. इस मसौदे में हर भारतीय तीर्थयात्री से 3120 पाकिस्तानी रुपए (20 डॉलर) वसूलना चाहता है. भारतीय करंसी के हिसाब से यह राशि करीब 1400 रुपए बनती है.

पाकिस्‍तानी मसौदे के मुताबिक, इंडियंस या नॉन रेजिडेंट्स इंडियन बिना किसी प्रतिबंध के करतारपुर कॉरिडोर का उपयोग कर सकेंगे. भारत कम से कम 10 दिन पहले तीर्थयात्रियों की एक सूची पाकिस्तान को सौंपेगा, जिस पर पाकिस्तान की ओर से 4 दिन के भीतर जवाब दे दिया जाएगा.

करतारपुर साहिब जाने वाले सभी यात्रियों को जीरो पॉइंट पर ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी. हालांकि, मसौदे में पाकिस्‍तान ने इस बात की कोई जानकारी नहीं दी है कि वह कबसे करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोलेगा. सूत्रों के मुताबिक, 9 नवंबर को पाकिस्‍तान इस कॉरिडोर को खोल सकता है, लेकिन इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

पाकिस्‍तान की ओर से करतारपुर साहिब जाने वाले भक्‍तों के लिए तीर्थ यात्रा शुल्‍क के प्रस्‍ताव पर भारत पहले ही कड़ी आपत्ति जता चुका है. अब देखना होगा कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत किस दिशा में जाती है और इसका क्‍या हल निकलता है.

इससे पहले पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने दावा किया था कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को निमंत्रण भेजा जाएगा. इसे लेकर लंबे समय तक असमंज की स्थिति बनी रही.

कुरैशी के इस बयान पर कांग्रेस पार्टी ने सफाई तक दे डाली थी. कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अगर पाकिस्‍तान की तरफ से मनमोहन सिंह को न्‍योता आया तो वह उसे स्‍वीकार नहीं करेंगे. मनमोहन सिंह करतारपुर साहिब एक आम श्रद्धालु के साथ जाएंगे.