विदेश मंत्री के बाद अब पाकिस्‍तानी पीएम इमरान खान ने भी माना कश्‍मीर भारत का हिस्‍सा

इमरान खान ने तेहरान पहुंचते ही सबसे पहले कश्‍मीर मुद्दे का जिक्र किया और कश्‍मीर पर समर्थन करने के लिए ईरान का शुक्रिया अदा किया.

तेहरान: पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान रविवार को ईरान की राजधानी पहुंचे. वह एक दिवसीय यात्रा पर तेहरान इसलिए पहुंचे हैं, ताकि सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव कम किया जा सके. इमरान खान कुछ दिनों पहले यूएन महासभा में शिरकत करने न्‍यूयॉर्क गए थे, यहां डोनाल्‍ड ट्रंप ने उन्‍हें सऊदी अरब और ईरान के बीच मध्‍यस्‍थता के लिए कहा था.

इमरान खान दोनों देशों के बीच कितनी मध्‍यस्‍थता कर पाएंगे? यह तो वक्‍त ही बताएगा, लेकिन इतना जरूर है कि वह ईरान का इस्‍तेमाल भारत के खिलाफ करने की पूरी साजिश रचकर पहुंचे, लेकिन आदत से मजबूर इमरान खान यहां अपने ही जाल में फंस गए. ईरान में कश्‍मीर कश्‍मीर का रट्टा लगाते हुए वह कश्‍मीर को भारत का हिस्‍सा मान बैठे.

इमरान खान ने तेहरान पहुंचते ही सबसे पहले कश्‍मीर मुद्दे का जिक्र किया और भारत के खिलाफ जमकर जहर उगला. इमरान खान ने कश्‍मीर पर समर्थन करने के लिए ईरान का शुक्रिया अदा किया और भारत को धमकी देते हुए कहा कि अगर कुछ हुआ तो हम भी पीछे नहीं रहेंगे.

आतंकवाद पर घडि़याली आंसू बहाते हुए इमरान खान ने कहा, ‘मैं खासतौर पर कश्‍मीरियों का सपोर्ट के लिए ईरान की सरकार का शु्क्रिया अदा करता हूं. जैसा कि हम सभी जानते हैं कि पिछले दो महीनों से 80 लाख कश्‍मीरी कर्फ्यू के अंदर रहने को मजबूर हैं. जिस प्रकार से भारत में हो रहे इस मानवाधिकार उल्‍लंघन पर ईरान ने प्रतिक्रिया दी, उसके लिए मैं धन्‍यवाद देता हूं.’

यहां गौर करने वाली बात यह है कि इमरान खान ने जब कश्‍मीर का जिक्र किया तो उन्‍होंने कहा, ‘Humanitarian Disaster In India’. मतलब इमरान खान भी अपने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की तरह जम्‍मू-कश्‍मीर को भारत का हिस्‍सा बता गए.

पाकिस्‍तान के हुक्‍मरान जब भी कश्‍मीर की बात करते हैं तो वे उसे भारत का हिस्‍सा नहीं मानते हैं, लेकिन यहां इमरान खान ने कश्‍मीर का जिक्र करते हुए कह दिया कि भारत में मानवाधिकार का क्राइसेस चल रहा है, मतलब उन्‍होंने मान लिया कि कश्‍मीर भारत का हिस्‍सा है.

सितंबर महीने में यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स काउंसिल (UNHRC) की बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था, ‘भारत दुनिया को यह बताने की कोशिश कर रहा है कि जिंदगी की पटरी पर आ गई है (वह जम्‍मू कश्‍मीर का जिक्र कर रहे थे). अगर सबकुछ नॉर्मल हो गया है तो वे आपको (मतलब इंटरनेशनल मीडिया) वहां जाने की अनुमति क्‍यों नहीं दे रहे हैं? क्‍यों वे इंटरनेशल मीडिया, इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन, एनजीओ को क्‍यों नहीं जाने दे रहे हैं, ताकि वे इंडियन स्‍टेट जम्‍मू-कश्‍मीर में जाकर स्थिति को देख सकें कि सच क्‍या है. दरअसल, भारत झूठ बोल रहा है, एक बार कर्फ्यू हटेगा तो सच सामने आ जाएगा और दुनिया में कड़ी प्रतिक्रिया होगी.’