LAC पर चीन की हलचल, Indian Army ने उत्तराखंड में बढ़ाए सैनिक

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक हमने हर्सिल (Harsil) में भी सेना को मज़बूत किया है क्योंकि रिपोर्ट्स थीं कि चीन की तरफ से LAC के दूसरी तरफ के सेक्टर में सैनिकों की हलचल बढ़ी है. सूत्र कहते हैं कि पूर्वी लद्दाख में सर्विलांस को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त टुकड़ियां शामिल की गई हैं.
More Indian troop deployed in Uttrakhand, LAC पर चीन की हलचल, Indian Army ने उत्तराखंड में बढ़ाए सैनिक

भारत-चीन (India-China) के बीच पूर्वी लद्दाख में तनातनी के बाद LAC के नजदीक भारतीय सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत किया गया है. भारतीय सैनिकों की तैनाती बढ़ाने की वजह ये है कि लद्दाख में LAC के साथ क्षेत्रीय स्तर की वार्ता का कोई हल नहीं निकला है. ऐसे में भारतीय सेना ने LAC के पास चीनी सैनिकों की तैनाती की खबरों के बीच उत्तराखंड में अपने सैनिकों भी बढ़ाई है.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

वेस्टर्न सेक्टर के हिस्से पूर्वी लद्दाख (East Ladakh) में भी अतिरिक्त सैनिकों को शामिल किया गया है और UAVs के जरिए 24 घंटे निगरानी बढ़ा दी गई है. ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि गुल्डॉन्ग सेक्टर (Guldong sector) में चीनी सैनिकों की संख्या में इजाफे के बाद मिडिल सेक्टर के हिस्से उत्तराखंड में LAC के आस-पास पिछले कुछ दिनों में सैनिक बढ़ाए गए हैं.

हर्सिल में भी सेना को किया गया मजबूत

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक हमने हर्सिल में भी सेना को मज़बूत किया है क्योंकि रिपोर्ट्स थीं की चीन की तरफ से LAC के दूसरी तरफ के सेक्टर में सैनिकों की हलचल बढ़ी है. सूत्र कहते हैं कि पूर्वी लद्दाख में सर्विलांस को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त टुकड़ियां शामिल की गई हैं, साथ ही सर्विलांस को 24 घंटे करने के लिे UAVs की मदद ली जा रही है. इस क्षेत्र में फिजिकल पेट्रोलिंग बहुत मुश्किल होती है और इसके लिए ज्यादा वक्त भी चाहिए और सैनिक भी, लेकिन UAVs से LAC के नजदीक किसी भी गतिविधि होने की स्थिति में हमें खबर मिलती रहती है.

इसलिए की गई लद्दाख में सैनिकों की तैनाती

सूत्रों का कहना है कि भारतीय चौकियों को मजबूत करने और भंडार बनाने के लिए लद्दाख में सैनिकों की ताजा तैनाती की गई है. सूत्रों के मुताबिक कुछ विशेष सैनिकों को बाहर से तैनात किया गया है, वहीं बाकी के सैनिक लूप बटालियन के रूप में मौजूद हैं. लूप बटालियन्स की सियाचिन जैसे दुर्गम इलाकों में ही तैनाती की जाती है. एक अधिकारी कहते हैं कि लद्दाख (Ladakh) में सैनिकों की तैनाती अचानक किसी चीनी गतिविधि होने की आशंका के चलते बढ़ाई गई है.

दरबूक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी सड़क भारत की प्रमुख संपत्ति

लद्दाख (Ladakh) में भारत की प्रमुख “रणनीतिक संपत्ति” 255 किलोमीटर की दरबूक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी (Darbuk-Shyok-Daulat Beg Oldie) सड़क है जो पिछले साल पूरी हुई थी. यह दौलत बेग ओल्डी तक भारतीय सेना की पहुंच को बढ़ाती है. जहां वायुसेना ने 2008 में एक एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड (ALG) को फिर से सक्रिय किया है. इस रणनीतिक सड़क का निर्माण 2001 में शुरू हुआ.

कर्नल चेवांग रिनचेन सेतु भी यहां मौजूद है

वास्तविक सड़क का उद्घाटन पिछले अक्टूबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किया गया था, जिसके बाद श्योक नदी पर 1400 फीट का पुल खोल दिया गया, इसे आधिकारिक तौर पर कर्नल चेवांग रिनचेन सेतु (Colonel Chewang Rinchen Setu) कहा जाता है. यह पुल काराकोरम और चांग चेनमो पर्वतमाला के बीच मौजूद है और गलवान और श्योक नदियों के संगम के नॉर्थ में है. गैलवान घाटी LAC से सड़क के सबसे करीब है. सूत्रों ने कहा कि इस बीच, रविवार को एक और क्षेत्रीय बैठक भारतीय और चीनी दोनों सेनाओं के सेक्टर कमांडरों के बीच हुई, लेकिन इस बातचीत का कोई हल नहीं निकला, ये क्षेत्रीय अधिकारियों की बीच छठी बैठक थी.

देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

Related Posts