“मुस्लिमों की आवाज उठाई तो मेरे परिवार को अगवा कर लिया”, पढ़ें ड्रैगन के जुल्‍म की कहानी

एक्टिविस्ट ने खुलासा किया कि उइगरों के लिए अभियान शुरू करने और जातीय अल्पसंख्यकों के खिलाफ चल रहे नरसंहार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के बाद उनके परिवार के सदस्यों का अपहरण कर लिया गया था.

उइगरों के हित में काम करने वालीं उइगर-अमेरिकन कार्यकर्ता रुशन अब्बास।

शिनजियांग में स्थिति 2017 में बिगड़ने लगी जब चीनी सरकार ने दस लाख उइगरों (Uighur) को हिरासत में रखा था और अब यह संख्या बढ़कर तीस लाख हो गई है. उइगर मुस्लिमों के लिए काम करने वाली कार्यकर्ता ने एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया.

एक्टिविस्ट रुशन अब्बास (Rushan Abbas) ने खुलासा किया कि उइगरों के लिए अभियान शुरू करने और जातीय अल्पसंख्यकों के खिलाफ चल रहे नरसंहार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के बाद उनके परिवार के सदस्यों का अपहरण कर लिया गया था.

यूट्यूब पर साक्षात्कार के दौरान एक्टिविस्ट रूशन ने कहा “जब मुझे उइगर के खिलाफ हो रही अभूतपूर्व स्थिति और अत्याचार के बारे में पता चला तब यह सब मुख्यधारा की मीडिया में नहीं था, तो मैंने उइगरों के लिए एक अभियान चलाया. मेरी सक्रियता की वजह से मेरी बहन और मेरी चाची का अपहरण कर लिया गया था.

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उन्होंने कहा “वाशिंगटन डीसी में थिंक टैंक में एक भाषण देने के छह दिन बाद मेरी बहन और मेरी चाची का अपहरण कर लिया गया था और तब से मैंने अपनी नौकरी छोड़ दी है, और अब पूरी तरह उइगरों के हित के लिए काम कर रही हूं. उइगर के अभियान के लिए निदेशक और उइगरों के खिलाफ नरसंहार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए, मैं अक्टूबर 2019 के काम कर रही हूं.

उन्होंने कहा “एक समय वह भी था जब लोग स्वतंत्र थे. चीन जब पश्चिम की ओर बढ़ने लगा तब से समस्या हुई. जब 1946 में चीन ने पूर्वी तुर्केस्तान पर कब्जा कर लिया था उसके बाद, से अत्याचार शुरू हो गए.

9/11 के बाद खराब हुए हालात

रुशन ने कहा कि अमेरिका में 9/11 के  आतंकी हमले के ठीक बाद, चीन ने मुसलमानों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाना शुरू कर दिया. एक ही रात में उन्होंने उइगरों के खिलाफ योजना तैयार कर ली. उन्होंने उइगरों पर मुस्लिम चरमपंथी का ठप्पा लगा दिया.

इस महीने की शुरुआत में, रुशन ने उन 45 देशों की खिंचाई की, जिन्होंने उइगरों के नरसंहार का समर्थन करते हुए एक बयान पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें कहा गया है कि चीन के समर्थक खुद एक सत्तावादी शासन के तहत हैं.

एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा “45 देशों ने उइगर लोगों के नरसंहार का समर्थन करते हुए एक बयान पर हस्ताक्षर किए हैं. लेकिन ध्यान दें कि सूचीबद्ध इन देशों में से अधिकांश स्वयं सत्तावादी शासक हैं, या आसानी से खरीदे जाने की स्थिति में हैं. चीन के इन तथाकथित दोस्तों ने खुलासा किया है.”

आरोपों से इनकार करता रहा है चीन

शिनजियांग क्षेत्र में लगभग एक करोड़ उइगर हैं. शिनजियांग की लगभग 45 फीसदी आबादी वाले तुर्क मुस्लिम समूह ने लंबे समय से चीन के अधिकारियों पर सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक भेदभाव का आरोप लगाया है.

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चीनी केबल्स के नाम से जाने जाने वाले क्लासीफाइड दस्तावेज, पिछले साल इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स द्वारा एक्सेस किए गए. इन दस्तावेजों में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कैसे चीन सरकार दुनिया भर में उइगर मुसलमानों को नियंत्रित करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल करती है. हालांकि, चीन नियमित रूप से इस तरह के दुर्व्यवहार से इनकार करता है और कहता है कि शिविर व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करते हैं.

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