पाकिस्तान में रोटी का संकट, ढाई हजार तंदूरी दुकानें बंद

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में नान बनाने वाली ढाई हजार से अधिक दुकानें या तो आटे की कमी के कारण या रोटी की कीमतें न बढ़ाने देने के सरकार के निर्णय के खिलाफ हड़ताल के कारण बंद हो गई हैं.

पेशावर: पाकिस्तान में मंहगाई का असर अब रोटी तक पहुंच गया है. कई प्रांतों में आटे का संकट पैदा हो गया है. गेहूं की कमी के कारण कीमतों में 20 फीसदी तक की वृद्धि हो गई है और रोटी की कीमतों की नई लिस्ट जारी करने की मांग को लेकर पेशावर में नान बनाने वाले सोमवार को हड़ताल पर चले. खबर पख्तूनख्वा इस संकट से सर्वाधिक प्रभावित है, और यहां कोई ढाई हजार तंदूर की दुकानें आटे की कमी के कारण बंद हो गई हैं.

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, पाकिस्तान के सीमांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में नान बनाने वाली ढाई हजार से अधिक दुकानें या तो आटे की कमी के कारण या रोटी की कीमतें न बढ़ाने देने के सरकार के निर्णय के खिलाफ हड़ताल के कारण बंद हो गई हैं. पेशावर के रामपुरा बाजार की मंडी में खरीदार घटते जा रहे हैं. इसका मुख्य कारण है कि 20 किलोग्राम आटे की कीमत 1,100 रुपये हो गई है.

जियो न्यूज के अनुसार, दुकानदारों का कहना है कि आटे की कीमत बढ़ गई है, लेकिन सरकार उन्हें नान के दाम नहीं बढ़ाने दे रही है. इसके चलते उन्हें परेशानी हो रही है. पेशावर की नान एसोसिएशन के महासचिव अब्दुल मजीद कुरैशी के हवाले से कहा, “जब तक सरकार हमारी मांग नहीं मान लेती है, तब तक प्रदर्शन जारी रहेंगे.”

कुरैशी ने कहा कि अफवाहें फैल रही हैं कि सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की योजना बना रही है. उन्होंने स्पष्ट किया, “सरकार ने हमें बेरोजगार बना दिया है और कोई भी कार्रवाई हमें हमारे कानूनी अधिकारों की मांग करने से नहीं रोक सकती है.”

एसोसिएशन के महासचिव ने दावा किया कि जिला प्रशासन ने नान बनाने वालों से अपने व्यवसाय खोलने के लिए कहा और कथित तौर पर उन्हें आश्वासन दिया कि 10 रुपये में 100 ग्राम की रोटी बेचने पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.

कुरैशी ने आगे कहा, “आश्चर्य की बात है कि जब हमने पेशावर जिला प्रशासन से 10 रुपये में 115-ग्राम नान (रोटी) की अधिसूचना जारी करने की मांग की तो उन्होंने इस बात के लिए इनकार कर दिया.” पाकिस्तान सरकार को कुरैशी ने चेताते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो उनकी हड़ताल पूरे प्रांत में फैल जाएगी.

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