महिला अंतरिक्ष यात्रियों ने रचा इतिहास, बिना पुरुष साथी के किया स्पेसवॉक

नासा ने बताया कि 2024 तक पहली महिला को चंद्रमा पर भेजने की तैयारी है.

अमेरिका की अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच (Christina Koch) और जेसिका मीर (Jessica Meir) ने इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया है. शुक्रवार को इन्होंने एक साथ स्पेसवॉक करने का कारनामा कर दिखाया. लगभग आधी सदी में तकरीबन 450 स्पेसवॉक होने के बाद ये पहला मौका था जब सिर्फ दो महिला अंतरिक्ष यात्रियों ने स्पेसवॉक किया.

जेसिका और क्रिस्टीना इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की खराब हो चुकी बैटरी की चार्ज और डिस्चार्ज यूनिट को बदलने के बाद अंतर्राष्ट्रीय समयानुसार सुबह 11.38 बजे स्पेस स्टेशन से बाहर निकलीं. नासा ने बताया कि क्रिस्टीना कोच ने चौथी बार जबकि जेसिका ने पहली बार ये स्पेसवॉक किया. स्पेस स्टेशन में किसी सुधार के लिए की गई ये 221वीं स्पेस वॉक थी.

बता दें कि स्पेस स्टेशन का पावर कंट्रोलर 11 अक्टूबर से खराब चल रहा था. हालांकि इससे स्टेशन में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा या स्टेशन में चल रहे शोध कार्यों को कोई नुकसान नहीं हुआ था. यूनिट को बदलने के लिए इन दो महिलाओं को स्पेस स्टेशन भेजा गया.

female Spacewalk, महिला अंतरिक्ष यात्रियों ने रचा इतिहास, बिना पुरुष साथी के किया स्पेसवॉक

नासा के मुताबिक महिलाओं की स्पेसवॉक की योजना मार्च में ही थी. उस अभियान में क्रिस्टीना कोच के साथ एनी मैक्लेन को रहना था. उस वक्त अभियान को टालना पड़ा क्योंकि उचित स्पेससूट नहीं थे. अब स्पेससूट उपलब्ध होने के बाद अभियान को पूरा किया जा रहा है.

अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया ‘मैं समझती हूं कि ये बहुत आवश्यक है अपने ऐतिहासिक कारणों की वजह से. स्पेस प्रोग्राम में योगदान करने का अनुभव अभूतपूर्व है वो भी तब जब हर तरह के योगदान स्वीकार किए जा रहे हैं और सबके पास अपना रोल है. ये सफलता के मौके बढ़ा सकता है.’

बता दें कि अब तक 15 महिलाओं पुरुषों के साथ 42 स्पेसवॉक में शामिल हो चुकी हैं. ये पहली बार है जब सिर्फ महिलाओं ने स्पेसवॉक किया. इस अभियान के बारे में नासा ने कहा ‘महिला अंतरिक्ष यात्रियों की जोड़ी का यह अभियान मील का पत्थर है. यह और खास है क्योंकि एजेंसी 2024 तक पहली महिला को चांद पर भेजने की योजना बना रहा है.’