चांद पर कदम रखने वाली पहली महिला पहनेगी ये स्‍पेससूट, देखें NASA ने कैसे बनाया

NASA के इस नए सूट में कॉर्बन डाई ऑक्‍साइड सोखने की अनलिमिटेड कैपेसिटी है. क्रू सर्वाइवल यूनिट के जरिए एस्‍ट्रोनॉट को छह दिन तक फुल लाइफ सपोर्ट दिया जा सकता है.
NASA, चांद पर कदम रखने वाली पहली महिला पहनेगी ये स्‍पेससूट, देखें NASA ने कैसे बनाया

अमेरिका अंतरिक्ष एजेंसी NASA की तैयारी चांद पर पहली महिला भेजने की है. NASA ने महिला अंतरिक्ष यात्री के लिए नया सूट डिजाइन किया है. यात्रा के दौरान पहने जाने वाले ऑरियन क्रू सर्वाइवल यूनिट के प्रोटोटाइप्‍स बुधवार को सामने रखे गए.

चांद की सतह पर चहलकदमी करने को बनाई गई Exploration Extravehicular Mobility Unit (xEMU) भी दिखाई गई. xEMU में कॉर्बन डाई ऑक्‍साइड सोखने की अनलिमिटेड कैपेसिटी है. क्रू सर्वाइवल यूनिट के जरिए एस्‍ट्रोनॉट को छह दिन तक फुल लाइफ सपोर्ट दिया जा सकता है.

इस स्‍पेस मिशन को ‘आर्टेमिस’ नाम दिया गया है. आर्टेमिस और अपोलो, जुड़वा बहनें मानी जाती हैं. यह चंद्रमा और शिकार की देवी का नाम भी है. NASA की मानें तो आर्टेमिस उसके मंगल मिशन में बेहद अहम भूमिका निभाएगा.

2020 में चंद्रमा के आसपास एक मानवरहित मिशन काम करेगा. जबकि इसके दो साल बाद एक मानवयुक्त मिशन के तहत चंद्रमा की परिक्रमा की जाएगी.

चंद्रमा पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी साल 2024 में होगी. इस कार्यक्रम पर लगभग 30 अरब डॉलर का खर्च आएगा. इसी के साथ स्पेसफ्लाइट अपोलो-11 की कीमत भी करीब इतनी ही होगी.

अमेरिका द्वारा 1961 में शुरू कर 1972 में समाप्त किए गए अपोलो कार्यक्रम की लागत 25 अरब डॉलर थी. अपोलो-11 मिशन के तहत 50 साल पहले दो अंतरिक्ष यात्री चांद की सतह पर उतरे थे. इस मिशन पर उस समय लागत छह अरब डॉलर आई थी, जो इस समय 30 अरब डॉलर के बराबर है.

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