नेपाल ने ‘नो-मैन्स लैंड’ पर बनाई अस्थाई पोस्ट, अब सीमा पर 100 नए बीओपी के पक्के निर्माण में जुटा

नेपाल (Nepal) पूरे बॉर्डर इलाके में करीब 100 नए बीओपी पोस्ट के पक्के निर्माण में जुट गया है. इसमें कुछ कोरोना में बॉर्डर सील के दौरान बनाए गए अस्थाई पोस्ट भी शामिल हैं. उन्हें भी अब पक्का निर्माण करके स्थाई पोस्ट के रूप में परिवर्तित कर दिया जाएगा.

नेपाल (Nepal) चीन (China) की तर्ज पर बॉर्डर डेवलपमेंट पर विशेष कार्य कर रहा है. इसकी बानगी भारत-नेपाल के रक्सौल बॉर्डर (Raxaul Border) पर देखने को मिली. नेपाल एपीएफ (APF) के जवानों ने कोरोना संक्रमण में बॉर्डर सील होने के दौरान महादेवा गांव के पास नो मैन्स लैंड (No Man’s Land) पर अस्थाई पोस्ट का निर्माण कर लिया है. एपीएफ की यहां से पेट्रोलिंग और जांच कार्य जारी है.

नेपाल पूरे बॉर्डर इलाके में करीब 100 नए बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) के पक्के निर्माण में जुट गया है. इसमें कुछ कोरोना में बॉर्डर सील के दौरान बनाए गए अस्थाई पोस्ट भी शामिल हैं. उन्हें भी अब पक्का निर्माण करके स्थाई पोस्ट के रूप में परिवर्तित कर दिया जाएगा.

बॉर्डर क्षेत्रों में नए बीओपी पोस्ट बनाने का प्रस्ताव

नेपाल के कुल सात प्रदेशों में से 6 प्रदेश की सीमा भारत से लगती है. जिसमें सबसे ज्यादा लम्बी सीमा प्रदेश 02 से लगती है. प्रदेश 02 के बॉर्डर क्षेत्रों में 73 पक्के बीओपी पोस्ट बनाने का प्रस्ताव है. वहीं प्रदेश 01 में 22 बीओपी पोस्ट बनाए जाएंगे. नेपाल एपीएफ का पहले से 50 बीओपी पोस्ट और 59 एफओपी (फारवर्ड ऑपरेटिंग पोस्ट) है, जो बढ़कर अब 200 के करीब हो जाएगा.

तीन चरणों मे पूरा होगा  निर्माण कार्य

बॉर्डर इलाके में बीओपी निर्माण कार्य तीन चरणों मे पूरा होगा. पहले चरण में रक्सौल बॉर्डर के नजदीक पहला बीओपी का उद्घटान एपीएफ के डीआईजी कृष्णभक्त ब्रह्मचर्य ने कर चुके हैं. इसके साथ ही चिवाभंजयांग, सुर्केथाम, इलम, सूर्योदय, स्मालबुंग और स्कलपुर में बीओपी का पक्का निर्माण का कार्य पूरा हो गया है.

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