नई मधेशी पार्टी को मिली पोल पैनल की मंजूरी, नेपाल की राजनीतिक उथल-पुथल में आ सकता है नया मोड़

निचले सदन में 32 सीटों के साथ 275 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा में JSPN तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. निचले सदन में सबसे बड़ी पार्टी NCP है जिसके पास 173 सीटें हैं और दूसरे नंबर पर विपक्षी नेपाली कांग्रेस है, जिसके पास 60 सीटें हैं.
New Madheshi Party of Nepal, नई मधेशी पार्टी को मिली पोल पैनल की मंजूरी, नेपाल की राजनीतिक उथल-पुथल में आ सकता है नया मोड़

पोल पैनल द्वारा सभी दस्तावेजों स्वीकार किए जाने के बाद नवगठित मधेशी पार्टी ने रविवार को नेपाल के चुनाव आयोग में आधिकारिक रूप से रजिस्ट्रेशन कर लिया है. जनता समाजवादी पार्टी ऑफ नेपाल (JSPN) का 23 अप्रैल को समाजवादी पार्टी नेपाल और राष्ट्रीय जनता पार्टी नेपाल के मर्जर के बाद गठन हुआ था.

पार्टी ने 7 जून को रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस प्रक्रिया को टाल दिया, जो कि खुद अपनी पार्टी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) में विरोध का सामना कर रहे हैं. हालांकि JSPN का रजिस्ट्रेशन रविवार को जारी कर दिया गया.

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निचले सदन में 32 सीटों के साथ 275 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा में JSPN तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. मालूम हो कि निचले सदन में सबसे बड़ी पार्टी NCP है जिसके पास 173 सीटें हैं और दूसरे नंबर पर विपक्षी नेपाली कांग्रेस है, जिसके पास 60 सीटें हैं.

इस पार्टी ने भी नेपाल सरकार द्वारा देश के नक्शे को बदलने के लिए पारित संवैधानिक संशोधन बिल का समर्थन किया था, हालांकि ये ओली सरकार द्वारा एक नए नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ हैं, जो उन लोगों पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास करता है जो देश के नागरिक नहीं हैं.  ज्यादातर भारतीय मूल के मधेशी ​​इसी श्रेणी के हैं.

उन्होंने 2015-16 में ओली के पिछले कार्यकाल के दौरान छह महीने लंबा आंदोलन चलाया था जिसमें 50 से अधिक लोग मारे गए थे. आंदोलन ने देश की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया था, क्योंकि इस दौरान भारत से आपूर्ति रुक गई थी. अब ये नई मधेशी पार्टी नेपाल की राजनीति में अहम रोल निभा सकती है ओर ओली पर प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे को लेकर दबाव बना सकती है.

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