‘भारत अपने परमाणु हथियार त्याग दे, हम भी छोड़ देंगे’, अमेरिका में बोले इमरान खान

विदेश मंत्रालय ने साफ़ कर दिया है कि भारत ने अमेरिका से कश्मीर मुद्दे को लेकर कभी भी मध्यस्थता करने की बात नहीं कही है.

वॉशिंगटन: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध का विचार आत्मघाती है. उन्होंने कहा कि अगर भारत अपने परमाणु हथियार त्याग दे तो पाकिस्तान भी ऐसा करने में देर नहीं करेगा.

अमेरिकी चैनल ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए इंटरव्‍यू में इमरान खान ने यह बात कही. पाकिस्तानी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इमरान से पूछा गया कि अगर भारत अपने परमाणु हथियार को त्याग दे तो क्या पाकिस्तान भी ऐसा करेगा? इस पर इमरान ने कहा, “हां. परमाणु युद्ध कोई विकल्प नहीं है और भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध का विचार आत्मघाती है, हम दोनों देशों की ढाई हजार मील लंबी सीमा है.”

उन्होंने कहा, “अगर बीते 70 साल से हम (भारत व पाकिस्तान) सभ्य पड़ोसियों की तरह नहीं रह सके तो इसकी एकमात्र वजह कश्मीर का मुद्दा है, इसलिए हमने सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका से इस मामले को सुलझाने के लिए मध्यस्थता की अपील की है.”

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कश्मीर मामले में मध्यस्थता के लिए कहा था. इस पर भारत ने साफ कर दिया है कि मोदी ने ऐसा कोई आग्रह कभी नहीं किया. इस बारे में पूछे जाने पर इमरान ने दोहराया, “मैं सच में यकीन करता हूं कि भारत को वार्ता की मेज पर आना चाहिए. अमेरिका एक बड़ी भूमिका निभा सकता है. राष्ट्रपति ट्रंप एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. हम इस धरती के एक अरब से अधिक लोगों की बात कर रहे हैं. कल्पना कीजिए कि अगर यह मुद्दा किसी तरह हल हो जाए तो इसके कितने जबर्दस्त फायदे होंगे.”

इंटरव्‍यू के दौरान इमरान से कहा गया कि अमेरिकियों में इस बात की आशंका पाई जाती है कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार कहीं आतंकवादियों के हाथ न लग जाएं. इस पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, “उन्हें पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर चिंतित होने की कतई जरूरत नहीं हैं. पाकिस्तान की सेना सर्वाधिक पेशेवर सेनाओं में है. हमारे परमाणु हथियारों के लिए बहुत सशक्त कमान और कंट्रोल है.”

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