कश्‍मीर पर मध्‍यस्‍थता के डोनाल्‍ड ट्रंप के ऑफर को एस जयशंकर ने बड़े ही स्‍मार्ट तरीके से ठुकराया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कश्‍मीर पर मध्‍यस्‍थता को लेकर पूछे गए सवाल भी अमेरिका में बड़ी अहम बात कही.

वॉशिंगटन: अटलांटिक काउंसिल की बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत ने 200 साल तक पश्चिमी देशों की प्रताड़ना झेली.

उन्‍होंने कहा कि 18वीं सदी की शुरुआत में ब्रिटिश भारत आए. आज के हिसाब से आंका जाए तो ब्रिटिश भारत से करीब 45 ट्रिलियन डॉलर ले गए थे. एस जयशंकर ने कश्‍मीर पर मध्‍यस्‍थता को लेकर पूछे गए सवाल भी अमेरिका में बड़ी अहम बात कही.

संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा के 74वें सेशन में हिस्‍सा लेकर वॉशिंगटन पहुंचे एस जयशंकर कश्‍मीर पर भी बेबाकी से राय रखी. जयशंकर ने डोनाल्‍ड ट्रंप के कश्‍मीर पर मध्‍यस्‍थता वाले बयान पर सवाल पूछे जाने पर कहा कि भारत की 4 दशक से पॉलिसी रही है कि हम इस मामले पर मध्‍यस्‍थता स्‍वीकार नहीं करेंगे. कश्‍मीर पर जो भी चर्चा होगी वह द्विपक्षीय होगी.

जयशंकर ने कहा, ‘मैं इस मामले पर एकदम नजरिया रखता हूं. मेरा पॉइंट बहुत सिंपल है, यह मामला (कश्‍मीर) किसका है? तो जवाब है- मेरा. इस मुद्दे पर किसे फैसला लेना है? जवाब है- मुझे, जब ये मेरा मसला है और मुझे निर्णय लेना है तो यह मैं ही तय करूंगा कि कोई मध्‍यस्‍थत होगा या नहीं. आप जो भी चाहें वो ऑफर दे सकते हैं, लेकिन अगर मुझे लगता है कि यह जरूरी नहीं है तो यह नहीं होगा.’

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने इमरान खान के साथ मुलाकात के दौरान जुलाई में दावा किया था कि पीएम नरेंद्र मोदी ने उनसे कश्‍मीर मसले पर मध्‍यस्‍थता करने को कहा था और पाकिस्‍तान भी ऐसा ही चाहता है तो वह मध्‍यस्‍थता के लिए तैयार हैं.

ट्रंप के बयान का भारतीय विदेश मंत्रालय ने तुरंत खंडन किया था. इसके बाद जी-7 समिट में पीएम मोदी ने ट्रंप के सामने ही पत्रकारों से दोटूक कहा कि भारत कश्‍मीर पर मध्‍यस्‍थता के लिए किसी को भी कष्‍ट नहीं देता और वह इसे द्विपक्षीय मसला मानता है. मोदी के बयान के बाद ट्रंप ने भी हामी भरी और कहा कि भारत-पाकिस्‍तान दोनों लंबे समय से अपने मसले पर बात करते आए हैं और वे सक्षम हैं.

हाल ही में संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा के कार्यक्रम से इतर इमरान खान के साथ हुई मुलाकात में ट्रंप ने दोबारा कश्‍मीर पर मध्‍यस्‍थता की बात की और कहा- अगर भारत और पाकिस्‍तान दोनों राजी हों तो वह मध्‍यस्‍थता के लिए तैयार हैं. एस जयशंकर ने ट्रंप के इसी बयान पर जवाब दिया है, जिससे स्‍पष्‍ट है कि भारत अपनी नीति एकदम अडिग है.

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