कश्‍मीर को ICJ ले जाने का मंसूबा पाल रहे इमरान खान को उनकी ही लॉ मिनिस्‍ट्री ने दिया झटका

कश्‍मीर मसले को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में ले जाने का ऐलान कर चुके इमरान खान को अब उनकी ही लॉ मिनिस्‍ट्री ने आईना दिखा दिया है.

इस्‍लामाबाद: जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद से बौखलाए इमरान खान दावा कर रहे हैं कि वह दुनिया भर में कश्‍मीर मसला उठाएंगे, लेकिन हकीकत यह है कि उनकी अपनी ही सरकार के लोग उनसे सहमत नहीं हैं.

कश्‍मीर मसले को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में ले जाने का ऐलान कर चुके इमरान खान को अब उनकी ही लॉ मिनिस्‍ट्री ने आईना दिखा दिया है.

शुक्रवार को पाकिस्तान के कानून मंत्रालय ने इमरान खान को बताया कि पाकिस्तान सरकार कश्मीर मसले को इंटरनेशनल कोर्ट नहीं ले जा सकती है. ऐसा इसलिए, क्‍योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई ऐसा समझौता नहीं हैं, जिसके तहत इस मामले को इंटरनेशनल कोर्ट नहीं ले जाया जा सकता है.

पाकिस्तान के कानून मंत्रालय ने इमरान खान को सलाह दी है कि वह कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र महासभा या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठा सकते हैं और यहां से कश्‍मीर मसले को इंटरनेशनल कोर्ट के लिए रेफर कराया जा सकता है.

पाकिस्‍तान के कानून मंत्रालय का दावा है कि अगर यूएन के जरिए कश्‍मीर को इंटरनेशनल कोर्ट में ले जाने के लिए यही सही चैनल होगा.

शुक्रवार को पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (POK)के मुजफ्फराबाद में इमरान खान ने रैली की, जिसमें उन्‍होंने कहा, ‘अगले हफ्ते मैं संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा में कश्‍मीर मसले को रखूंगा.’

वैसे शुक्रवार को पीओके में हुई इमरान खान की रैली भी फ्लॉप शो साबित हुई. पीओके (POK) के पॉलिटिकल एक्टिविस्ट अमजद अयूब मिर्जा ने इमरान खान की रैली का सच बताया.

अमजद अयूब मिर्जा ने कहा कि मुजफ्फराबाद में इमरान खान की रैली पूरी तरह से फ्लाप रही. यहां लोगों को एबटाबाद और रावलपिंडी से ट्रकों में भरकर लाया गया. अयूब मिर्जा ने कहा है कि पीओके के लोगों ने इमरान की रैली का बहिष्कार किया. दुनिया को इस पर लोगों को बधाई देना चाहिए.

वैसे जहां तक कश्‍मीर का मसला यूएन में उठाने की बात है तो पाकिस्‍तान पहले भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चीन की मदद से इस मुद्दे को ले जा चुका है, लेकिन तब भी उसे मुंह की खानी पड़ी थी.