पाकिस्तान: कराची में तोड़ा 80 साल पुराना हनुमान मंदिर, 20 हिंदू परिवारों के घरों को किया जमींदोज

स्थानीय लोगों (Residents of Lyari) ने कहा कि एक बिल्डर ने कथित रूप से मंदिर (Hanuman Temple) के आसपास की जमीन खरीदी थी और वह यहां एक कॉलोनी बनाना चाहता था.

  • TV9.com
  • Publish Date - 2:13 pm, Mon, 24 August 20

पाकिस्तान (Pakistan) के कराची (Karachi) में स्थित एक प्राचीन हनुमान मंदिर (Hanuman Temple in Lyari) को तोड़ दिया गया है. यह मंदिर लगभग 80 साल पुराना यानि आजादी से भी पहले का बताया जा रहा है. यह मामला लायरी इलाके का है. इतना ही नहीं इस मंदिर के पास रहने वाले लगभग 20 हिंदू परिवारों (Hindu Families) के घरों को भी तोड़ दिया गया है.

बिल्डर के खिलाफ जांच के आदेश

इलाके के हिंदुओं द्वारा प्राचीन मंदिर और उनके घरों को तोड़े जाने का जब विरोध किया गया, तब पुलिस ने जांच करते हुए इलाके को सील कर दिया. पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, लायरी के असिस्टेंट कमिश्नर अब्दुल करीम मेमन ने मंदिर को गिराने वाले बिल्डर के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं.

स्थानीय लोगों ने कहा कि एक बिल्डर ने कथित रूप से मंदिर के आसपास की जमीन खरीदी थी और वह यहां एक कॉलोनी बनाना चाहता था. हालांकि, उन्होंने यहां बसे हिंदुओं से वादा किया था कि मंदिर को छुआ नहीं जाएगा, पर बिल्डर ने अपना वादा नहीं निभाया. बिल्डर ने कोरोनावायरस के कारण जारी लॉकडाउन के बीच न केवल मंदिर ध्वस्त किया, बल्कि हिंदुओं के घरों को भी तोड़ दिया.

हमारे पूजा स्थल को तोड़ दिया

रिपोर्ट के अनुसार, एक स्थानीय व्यक्ति मोहम्मद इरशाद बलूच ने कहा कि प्रार्थना करने की जगह को तोड़ना अन्याय है. यह बहुत ही पुराना मंदिर था. हम इस मंदिर को तबसे देख रहे थे, जब हम बहुत छोटे थे. हर्ष नाम के एक अन्य स्थानीय ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान मंदिर में किसी को जाने की अनुमति नहीं थी. उन्होंने (बिल्डर ने) स्थिति का फायदा उठाया और हमारे पूजा स्थल को तोड़ दिया.

हर्ष ने मांग की है कि फिर से वहां हनुमान मंदिर बनवाया जाना चाहिए. हर्ष बताया कि बिल्डर द्वारा मंदिर के आसपास रहने वाले परिवारों को वैकल्पिक आवास का आश्वासन दिया गया था. एक हिंदू एक्टिविस्ट मोहन लाल ने बिल्डर पर अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को धमकाने का आरोप लगाया, जो कि साइट पर इकट्ठे हुए थे और मंदिर के तोड़े जाने का विरोध कर रहे थे. मोहन लाल ने कहा कि हमने मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन बिल्डर ने हमें ऐसा नहीं करने दिया.