जनरल बाजवा के उत्‍तराधिकारी से जबरन दिलवाया गया इस्‍तीफा, परिवार को रखा था नजरबंद

जनरल क़मर जावेद बाजवा के बाद जनरल सत्तार के सेना के प्रमुख बनने वाले थे. बाजवा को सेवा विस्तार से सत्तार की संभावनाएं खत्म हो गई हैं.
Pakistan General Sarfraz Sattar forced to resign, जनरल बाजवा के उत्‍तराधिकारी से जबरन दिलवाया गया इस्‍तीफा, परिवार को रखा था नजरबंद

पाकिस्तानी सेना के दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी जनरल सरफराज से जबरन इस्‍तीफा दिलवाया गया है. उन्‍हें कथित तौर पर हफ्तों तक परिवार के साथ नजरबंद रखा गया जिसके बाद मजबूरी में उन्‍होंने इस्‍तीफा दे दिया. पाकिस्तान की पत्रकार गुल बुखारी ने ट्ववीटर पर ये दावा किया है.

जनरल क़मर जावेद बाजवा के बाद जनरल सत्तार को सेना प्रमुख बनना था. बाजवा को सेवा में दिए विस्तार के बाद सत्तार के आर्मी चीफ बनने की संभावनाएं खत्म हो गईं. पिछले नवंबर तक सत्तार ने रणनीतिक योजना प्रभाग के महानिदेशक का पदभार संभाला था. उन्होने पाकिस्तान की परमाणु कमान का भी नेतृत्व किया. नवंबर में ये जिम्मेदारी लेफ्ट. जनरल नदीम जाकी मंज को दे दी गई. तब भी पाकिस्तानी मीडिया ने सत्तार के रिटायर होने की खबरें चलाई थीं.

बाजवा का नवंबर 2019 में कार्यकाल खत्म होने वाला था, लेकिन बाजवा को तीन साल का सेवा विस्तार दे दिया गया. सत्तार ने बाजवा को दिए जाने वाले सेवा विस्तार का विरोध भी किया था. अगर बाजवा को सेवा विस्तार नहीं दिया जाता तो सत्तार का सेना प्रमुख बनना तय था. जनरल शरीफ ने उन्हें इस तरह से तैयार किया था कि वो चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ बन सकें.

बाजवा को सेना का प्रमुख बनाए जाने और सेवा विस्तार के खिलाफ अभियान चलाया गया था. ये एक तरह का हिडेन कैम्पेन था. इस कैम्पैन के जरिए बाजवा को अहमदिया मुसलमान बताया गया.

अहमदिया समुदाय के लोग स्वयं को मुसलमान मानते हैं मगर इस्‍लाम के बाकी पंथ उन्‍हें मुस्लिम नहीं मानते.

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