जासूसी के आरोप में पकड़ा गया पाकिस्तानी आर्मी जनरल, मिली उम्रकैद की सजा

पाकिस्तान आर्मी के चीफ जनरल ने बंद कमरे में चल रहे ट्रायल में तीनों लोगों को जासूसी करने और संवदेनशील जानकारियां लीक करने के आरोप में मिली सजा का समर्थन किया है.

नई दिल्ली: बीते गुरूवार पाक मिलिट्री पाकिस्तान की आर्मी ने जासूसी के आरोप में एक जनरल को उम्रकैद और एक ब्रिगेडियर को मौत की सजा सुनाई है. इसके अलावा इन्हीं आरोपों के तहत एक आम नागरिक को भी सजा सुनाई गई है.

पाकिस्तान आर्मी के चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने बंद कमरे में चल रहे ट्रायल में तीनों लोगों को जासूसी करने और संवदेनशील जानकारियां लीक करने के आरोप में मिली सजा का समर्थन किया है.

पाक मिलिट्री के मुताबिक इन आरोपियों ने विदेशी एजेंसियों को जानकारियां लीक की, जिससे देश की सुरक्षा को खतरा था.

इस मामले में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल जावेद इकबाल का नाम सामने आया है, जिसे पाकिस्तान आर्मी ने उम्रकैद की सजा दी है. पाकिस्तानी कानून के तहत इकबाल 14 साल जेल की सजा काटेंगे. दूसरा नाम है रिटायर्ड ब्रिगेडियर राजरा रिजवान, जिसे मौत की सजा सुनाई गई. वहीं मामले में शामिल एक असैन्ये नागरिक वसीम अकरम को भी सजा ए मौत मिली है. अकरम को पा‍किस्तातन मिलिट्री ने ही तैनात किया था.

हालांकि सेना की ओर से यह नहीं बताया गया कि इन तीनों ने कौन सी जानकारी लीक की या फिर लीक हुआ डाटा किसे मुहैया कराया गया.

जाहिर है कि पाकिस्तालन आर्मी का अपना कोर्ट और अपने नियम कानून हैं. इसके अलवा जिन मिलिट्री ऑफिसर्स पर गलत काम करने के आरोप लगते हैं, उनके खिलाफ ट्रायल भी बंद कमरे में चलता है. सिर्फ मिलिट्री प्रक्रिया के तहत ही हर प्रकार के फैसलों लिए जाते हैं.