इमरान खान के बाद अब पाकिस्‍तानी सेना के तेवर भी पड़े ढीले

'हम भारत को बताना चाहते हैं कि युद्ध केवल हथियार या आर्थिक मोर्चे पर ही नहीं लड़े जाते हैं बल्कि राष्‍ट्रवाद से भी जंग लड़ी जाती हैं.'

इस्‍लामाबाद: इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस पाकिस्‍तान यानी ISPR.पाकिस्‍तान सेना की इस प्रोपेगेंडा विंग के डायरेक्‍टर जनरल आसिफ गफूर ने बुधवार को कहा कि परमाणु हथियारों से लैस दो देशों के बीच जंग के लिए कोई जगह नहीं है.

उन्‍होंने कश्‍मीर के मुद्दे पर भारत को धमकी देते हुए कहा, ‘शायद भारत को ऐसा लगता है कि वो पाकिस्‍तान को कमजोर करने के लिए कदम उठाएगा. हम भारत को बताना चाहते हैं कि युद्ध केवल हथियार या आर्थिक मोर्चे पर ही नहीं लड़े जाते हैं बल्कि राष्‍ट्रवाद से भी जंग लड़ी जाती हैं.’

पाकिस्‍तानी सेना ने कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटाने पर बुधवार को कहा कि कश्‍मीर पाकिस्‍तान के गले की नस है, कश्‍मीर से विशेष राज्‍य का दर्जा छीन लेना, अनैतिक है. पाकिस्‍तान सेना का यह बयान डॉन में छपा है.

बुधवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा कि कश्‍मीर हमारे गले की नस है और इसकी रक्षा के लिए हम किसी भी हद तक जाएंगे.

इससे पहले पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान ने भी कहा कि भारत के साथ युद्ध की स्थिति में परमाणु बम का इस्‍तेमाल पहले नहीं करेगा. इसी दिन पाकिस्‍तान ने आंशिक तौर पर भारत के साथ ट्रेड को भी मंजूरी दी. पाकिस्‍तान ने भारत से जीवन रक्षक दवाएं खरीदने का फैसला किया. इस कदम को पाकिस्‍तान के रुख में नरमी के तौर पर देखा जा रहा है.

भारत की ओर से जम्‍मू-कश्‍मीर में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद लगातार पाकिस्‍तान कभी जंग तो कभी परमाणु हमले की धमकी देता रहा है, लेकिन अब उसका रुख बदलता दिख रहा है.

पहले इमरान खान ने कहा कि पाकिस्‍तान पहले परमाणु हमला नहीं करेगा. इसके बाद डीजी आईएसपीआर आसिफ गफूर ने कहा कि दो परमाणु देशों के बीच जंग कोई विकल्‍प नहीं है.