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पाकिस्तान: FATF मीटिंग से पहले आतंकी संगठनों ने बदला पैंतरा, जैश के निशाने पर जम्मू की ‘चिकन नेक’

फाइनैंशल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की तलवार पाकिस्तान पर लटक रही है, बावजूद इसके इमरान सरकार आतंकियों पर ऐक्शन लेने को तैयार नहीं दिख रही है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 9:20 am, Fri, 16 October 20
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पाकिस्तान पीएम इमरान खान (फाइल फोटो)

फाइनैंशल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की तलवार पाकिस्तान पर लटक रही है, बावजूद इसके इमरान सरकार आतंकियों पर ऐक्शन लेने को तैयार नहीं दिख रही है. हालांकि, FATF को चकमा देने के लिए आतंकी संगठन कुछ चालें जरूर चल रहे हैं, जिसमें पाकिस्तान सरकार भी उनकी मदद करती दिख रही है. हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन नए फ्रंट बना रहे हैं, खुद के ठिकाने शिफ्ट कर रहे हैं लेकिन उनके निशाने पर भारत ही है.

दरअसल, 21 से 23 अक्टूबर के बीच पैरिस में FATF की मीटिंग होनी है. इसमें फैसला होगा कि क्या पाकिस्तान अभी ग्रे लिस्ट में बना रहेगा या उससे बाहर आएगा. पाकिस्तान पर आतंकी संगठनों पर ऐक्शन ना लेने और उन्हें पनाह देने के आरोप लगते रहे हैं.

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चिकन नेक पर आतंकी संगठनों की नजर

खबर के मुताबिक, जैश ए मोहम्मद की नजर सियालकोट-शकरगढ़ और भीमबर-सामानी सेक्टर हैं. जम्मू स्थित सियालकोट-शकरगढ़ सेक्टर को चिकन नेक नाम से भी जाना जाता है. दूसरी तरफ भीमबर-सामानी सेक्टर को भी भारत के लिहाज से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है. दोनों ही जगहों पर घुसपैठ के लिए जैश ए मोहम्मद पूरी कोशिश में लगा है. आतंकियों की मदद के लिए पाकिस्तान की सेना ध्यान भटकाने का काम कर रही है. यहां लगातार पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन हो रहा है.

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FATF की नजरों से बचने को आतंकी संगठनों की चाल

आतंकी संगठनों पर ऐक्शन नहीं लेनेवाली पाकिस्तान सरकार फिर उन्हें बचाने में लगी है. पता चला है कि पाकिस्तान लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद के आतंकियों के ठिकानों को अफगानिस्तान की तरफ शिफ्ट करवा रहा है. साथ ही पुराने आतंकी ठिकानों को धार्मिक शिक्षा देने वाले सेंटर के रूप में विकसित कर दिया गया है.

इतना ही नहीं पाकिस्तान में आतंकियों के मदददार उनके लिए ड्रोन से हथियार पहुंचा रहे हैं, साथ ही साथ एलओसी के आसपास कम्यूनिकेशन की बेहतर सुविधा की जा रही है, जिससे मोबाइल के सिग्नल बेहतर हों.