कोर्ट ने मरयम नवाज और उनके चचेरे भाई को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 दिनों की रिमांड पर भेजा

न्यायिक परिसर के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) द्वारा अदालत के समक्ष दोनों संदिग्धों को पेश किया गया.

चौधरी शुगर मिल्स और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बुधवार को एक जवाबदेही अदालत ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरयम नवाज और उसके चचेरे भाई यूसुफ अब्बास की रिमांड को और 14 दिन के लिए बढ़ा दिया है.

न्यायिक परिसर के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) द्वारा अदालत के समक्ष दोनों संदिग्धों को पेश किया गया. यहां पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहले से ही मौजूद थे. मरयम के पति रिटायर्ड कैप्टन मोहम्मद सफदर और सीनेटर परवेज राशिद, पूर्व गवर्नर मोहम्मद जुबैर, शाइस्ता परवेज, अली पेरेज और उज्मा बोखारी सहित अन्य पीएमएल-एन के नेता अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए.

मरयम नवाज, कोर्ट ने मरयम नवाज और उनके चचेरे भाई को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 दिनों की रिमांड पर भेजा

जब जस्टिस नईम अरशद ने सुनवाई शुरू की, NAB के विशेष अभियोजक हाफिज असदुल्लाह अवन ने पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष और उसके चचेरे भाई की आगे की रिमांड के लिए चल रही जांच और लिखित अनुरोध के बारे में एक प्रॉग्रेस रिपोर्ट पेश की.

जांच रिपोर्ट और अनुरोध का विरोध करते हुए, बचाव पक्ष के वकील अमजद परवेज ने कहा कि पनामा पेपर्स मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार इस मामले को पहले ही भ्रष्टाचार विरोधी निगरानी द्वारा जांच लिया गया था. उन्होंने तर्क दिया कि चल रही जांच दुर्भावना के चलते की जा रही है.

हालांकि, NAB के अनुरोध की अनुमति देने वाले जस्टिस नईम ने 14 दिनों के लिए अपना रिमांड इस दिशा में बढ़ाया कि उन्हें 4 सितंबर को फिर से अदालत में पेश किया जाए.

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