सऊदी पर बयान देकर आफत मोल ले बैठे PAK के विदेश मंत्री कुरैशी, दूसरी बार मीडिया से भागे

पाकिस्तान के विदेश मंत्री (Pak Foreign Minister) ने दूसरी बार अपनी प्रेस कांफ्रेंस को रद्द कर दिया. कहा जा रहा है कि अपने बयान को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (Shah Mehmood Qureshi) आर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कांफ्रेंस (Organisation of Islamic Conference) के खिलाफ अपने कमेंट्स को लेकर बुरे फंसते नज़र आ रहे हैं. सिर्फ सऊदी में ही नहीं खुद अपने देश में भी शाह महमूद कुरैशी निशाने पर हैं, यही वजह है कि वो मीडिया में भी आने से बच रहे हैं.

मंगलवार को पाक विदेश मंत्री (Pak Foreign Minister) ने दूसरी बार अपनी प्रेस कांफ्रेंस को रद्द कर दिया. कहा जा रहा है कि अपने बयान को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी, हालांकि उसे रद्द कर दिया गया.

खतरे में पड़ सकती है उनकी कुर्सी

इस कदम से ये अनुमान लगाया जा रहा है कि पाकिस्तान स्थिति को सुधारने के लिए कोई बड़ा कदम उठाने के बारे में विचार कर रहा है. एक ऑब्सर्वर (पर्यवेक्षक) के मुताबिक उनका पद भी खतरे में पड़ सकता है.

दरअसल पिछले हफ्ते कुरैशी ने कहा कि सऊदी अरब (Saudi Arabia) OIC को कश्मीर पर भारत के खिलाफ नहीं खड़ा होने दे रहा. उन्होंने कहा था कि कश्मीर (Kashmir) के मामले पर अपने विदेश मंत्रियों की बैठक बुलाने पर OIC टाल-मटोल न करे.

और क्या बोले थे कुरैशी

पाक कश्मीर से एक्ट 370 हटने के बाद से लगातार OIC पर 57 सदस्य देशों की कश्मीर मुद्दे पर बैठक बुलाने का दवाब बनाता रहा है. कुरैशी ने ये भी कहा कि “एक बार फिर सम्मानपूर्वक ओआईसी को बता रहा हूं कि विदेश मंत्रियों की परिषद की एक बैठक हमारी अपेक्षा है. यदि आप इसे नहीं बुला सकते हैं, तो मैं प्रधानमंत्री इमरान खान से उन इस्लामिक देशों की बैठक बुलाने के लिए कहने को मजबूर हो जाऊंगा जो कश्मीर के मुद्दे पर हमारे साथ खड़े होने और पीड़ित कश्मीरियों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं”.

विपक्ष के निशाने पर विदेश मंत्री

वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कुरैशी के कमेंट्स पर कहा कि यह राजनयिक मानदंडों के खिलाफ नहीं है. कुरैशी ने स्पष्ट किया कि वह भावुक नहीं थे और अपने बयान के अर्थ को पूरी तरह से समझते थे. उन्होंने कहा कि “यह सही है, मैं सऊदी अरब के साथ हमारे अच्छे संबंधों के बावजूद एक पोजीशन ले रहा हूं.

विपक्षी पीएमएल-एन ने विदेश मंत्री के बयानों को लेकर सरकार पर हमला किया, उन्होंने इसे एक मित्र देश के बारे में एक गैर जिम्मेदाराना बयान और सबसे खराब तरह की कूटनीति बताया.

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