जब मोदी Houston में ट्रंप के साथ बैठे तब इमरान खान ने रची कौन सी साजिश, जानें

इमरान खान अमेरिका के कई सांसदों के साथ भी मुलाकात करने वाले हैं. इन सभी के साथ वह कश्‍मीर मुद्दे पर बात करेंगे. पाकिस्‍तान की इस चाल को काटने के लिए पीएम मोदी ने भी खास रणनीति अपनाई है.
imran khan, जब मोदी Houston में ट्रंप के साथ बैठे तब इमरान खान ने रची कौन सी साजिश, जानें

न्‍यूयॉर्क: पीएम नरेंद्र मोदी रविवार को जब ह्यूस्‍टन में मेगा शो HowdyModi के दौरान 50,000 भारतीयों के बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के साथ मंच साझा कर रहे थे, तब न्‍यूयॉर्क में इमरान खान भारत के खिलाफ साजिश रच रहे थे.

न्‍यूयॉर्क में यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में हिस्‍सा लेने के लिए अमेरिका पहुंचे इमरान खान ने रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे एम्‍नेस्‍टी इंटरनेशनल के अधिकारियों के साथ बैठक की. यह मानवाधिकारों के लिए लड़ने वाला इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन है.

पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय के अधिकारी डॉक्‍टर मोहम्‍मद फैजल ने ट्वीट किया, ‘एम्‍नेस्‍टी इंटरनेशनल के जनरल सेक्रेटरी कूमी नायडो के साथ पीएम इमरान खान ने जम्‍मू-कश्‍मीर में मानवाधिकारों की खराब स्थिति पर चर्चा की.’

इससे पहले शनिवार को इमरान खान ने कश्‍मीर स्‍टडी ग्रुप के संस्‍थापक फारुक काठवाड़ी के साथ भी मुलाकात की. इमरान खान ने फारुक काठवाड़ी से कहा कि वह कश्‍मीर में मानवाधिकार उल्‍लंघन का मुद्दा दुनिया के सामने रखें.

इमरान खान अमेरिका के कई सांसदों के साथ भी मुलाकात करने वाले हैं. इन सभी के साथ वह कश्‍मीर मुद्दे पर बात करेंगे. पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री कश्‍मीरी और सिख ग्रुप्‍स के साथ भी मीटिंग करने वाले हैं.

इमरान खान के दौरे के कार्यक्रम को देखकर स्‍पष्‍ट समझा जा सकता है कि वह अपने अमेरिका दौरे को पूरी तरह से कश्‍मीर मुद्दे पर ही केंद्रित रखना चाहते हैं।
दूसरी तरफ पीएम नरेंद्र मोदी अपने अमेरिका दौरे में पाकिस्‍तान को स्‍पष्‍ट संदेश देने में जुटे हैं कि जिस अमेरिका के पास वह बार-बार कश्‍मीर पर गुहार लगाने जाता है, उसी अमेरिका के राष्‍ट्रपति से लेकर गवर्नर तक उनके स्‍वागत में लाइन लगाकर खड़े हैं.

जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद जिस प्रकार से पाकिस्‍तान ने संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में कश्‍मीर मुद्दे पर मात खाई है, उससे स्‍पष्‍ट हो गया है कि पाकिस्‍तान को कश्‍मीर मसले पर समर्थन मिलने की उम्‍मीद बहुत कम है.

इमरान खान ने पाकिस्‍तान की आजादी की पूर्व संध्‍या पर पीओके में आयोजित रैली के दौरान कहा था कि वह यूएन महासभा में कश्‍मीर मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएंगे. पाकिस्‍तान की इस रणनीति की काट के लिए पीएम मोदी ने इमरान खान को पूरी तरह अलग-थलग रखने की नीति अपनाई है.

मसलन HowdyModi कार्यक्रम से पीएम मोदी ने पाकिस्‍तान को दिखाया कि भारत आज दुनिया में बहुत बड़ी ताकत है. उसके अमेरिका के साथ बड़े आर्थिक, कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्‍ते हैं. ऐसे में पाकिस्‍तान की दाल अब पहले की तरह अमेरिका में गलने वाली नहीं है.

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